नये पड़ोसी compleet

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raj..
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Re: नये पड़ोसी

Unread post by raj.. » 28 Oct 2014 04:08

थोड़ी देर बाद जब उसकी गंद पूरी तरह से चिकनी हो गयी थी, "राज अब तुम मेरी गंद मार सकते हो, ये तुम्हारे लंड के लिए पूरी तरह से तय्यार है."

मेने उसे सीधा किया और अपनी गोद मे उठा उसे बिस्तर पे ले आया. मेने कनखियों से खिड़की की तरफ देखा तो मुझे प्रशांत की परछाई दिखाई दी. मेने बबिता को इस अंदाज़ मे घुटनो के बल बिस्तर पर लिटाया की उसकी गांद खिड़की की तरफ हो और प्रशांत को सब कुछ साफ नज़र आए.

बबिता बिस्तर पर पूरी तरह अपनी छातियों के बल लेट गयी जिससे उसकी गान्ड और उपर को उठ गयी थी. में उसकी टाँगो के बीच आ गया और अपना खड़ा लंड उसकी गंद के गुलाबी छेद पे रख थोड़ा सा अंदर घुसा दिया.

जैसे ही मेरा लंड का सूपड़ा उसकी गंद के छेद में घुसा उसके मुँह से सिसकारी निकल पड़ी, "ऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईई मर गयी"

बबिता ने अपने दोनो हाथ पीछे कर अपने चूतड़ पकड़ अपनी गंद को और फैला लिया. उसकी गंद और मेरा लंड पूरी तरह से क्रीम से सने हुए थे. मेने उसके चुतताड को पकड़ अपने लंड को और अंदर घुसाया, पर उसकी गंद इतनी कसी हुई थी की मुझे अंदर घुसाने में तकलीफ़ हो रही थी.

बबिता ने अपने चूतड़ और फैला दिए, "राज थोड़ा धीरे और प्यार से घुसाओ."

मेने अपने लंड को बड़े धीरे से उसकी गंद मे घुसाया तो मुझे लगा कि उसकी गांद के दीवारें और खुल रही है और मेरे लंड के लिए जगह बना रही है. मुझे ऐसा लगने लगा कि मे उसकी गंद मे लंड नही डाल रहा हूँ बल्कि उसकी गंद मेरे लंड को निगल रही है. थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड उसकी गंद मे समाया हुआ था.

अब मे अपने लंड को उसकी गंद मे धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहा था. में अपने लंड को बाहर खींचता और जब सिर्फ़ सूपड़ा अंदर रहता तो एक ही धक्के मे अपना लंड उसकी गंद मे पेल देता.

बबिता भी अपने चुतताड को पीछे की और धकेल मज़ा ले रही थी, "ःआआआआण ऱाआआआआआज़ डाळ्ळ्ळ दो अपनीईए लुंद्द्द्दद्ड को मेरी गाआाअंड मे. फ़ाआड़ दो इसे. लगाओ ज़ोर के धककककककके."

मुझे भी जोश आता जा रहा था. मेने बबिता के कंधो को पकड़ उसे और अपने से चिपटा लिया. अब मेरा मुण्ड और गहराइयों तक उसकी गंद मे जा रहा था. में जैसे ही अपना लंड और घुसाता वो अपने को और मेरे बदन से चिपका लेती.

में इसी अवस्था में अपने लंड को उसकी गंद के अंदर बाहर कर रहा था कि मेने उसके हाथों को अपने आन्द्वों पे महसूस किया. वो धीरे धीरे मेरे गोलों को सहला रही थी. उसके हाथों की गर्मी मुझमे और उत्तेजना भर रही थी.

मेरा लंड अब तेज़ी से उसकी गांद के अंदर बाहर हो रहा था. मुझे मालूम था कि मेरा छूटने का समय नज़दीक आता जा रहा है. पर शायद उसका पानी नही छूटने वाला था, उसने अपना हाथ मेरे आंडो पे से हटा अपनी चूत को रगड़ने लगी. मे और ज़ोर से धक्के मार रहा था.

जब उसका छूटने का समय नज़दीक आया तो वो अपनी दो उंगलियाँ अपनी चूत मे डाल कर अंदर बाहर करने लगी और चीखने लगी, "हाआआं मरो मेरी गाअंड को और ज़ोर सीईईई. राआआआअज चोद दो अपना पूरा पानी मेर्रर्र्र्ररी चूऊऊथ मे."

में ज़ोर से उसकी गंद मे अपना लंड पेले जा रहा था. बहुत ही दिलकश नज़ारा था, जब मेरा लंड उसकी गंद से निकलता तो उसका छेद सिकुड जाता और जब मे पेलता तो और खुल जाता. में ज़ोर के धक्के लगा रहा था.

मेने महसूस किया कि उसका शरीर आकड़ा और उसकी गान्ड ने मेरे लंड को अपनी गिरफ़्त मे ले लिया. में समझ गया कि उसका पानी छूट रहा है. मेने ज़ोर का धक्का लगाया और मेरे लंड ने भी अपने वीर्य की पिचकारी उसकी गांद मे छोड़ दी. जैसे ही मेरा लंड वीर्य उगलता मे अपने लंड को और उसके जड़ तक समा देता.

raj..
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Re: नये पड़ोसी

Unread post by raj.. » 28 Oct 2014 04:09

मुझे आज पहली बार एहसास हुआ की गंद मारने मे कितना मज़ा आता है. में बबिता की गंद मे अभी भी अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था. उसकी गंद क्रीम और मेरे वीर्य से इतनी गीली हो चुकी थी की मुझे अपना लंड जड़ तक घुसने मे कोई तकलीफ़ नही हो रही थी.

पर हमें नीचे पार्टी में भी शामिल होना था, इसलिए मेने अपना लंड धीरे धीरे उसकी गांद से निकालना शुरू किया. जब मेरा लंड उसकी गंद से बाहर निकल आया तो बबिता ने घूम कर मुझे चूम लिया, "में जानती हूँ तुमने आज पहली बार किसी की गंद मारी है और तुम्हे खूब मज़ा आया है. मुझे भी मज़ा आया है, आज के बाद तुम जब चाहो मेरी गंद मार सकते हो."

बबिता के इन शब्दों ने जैसे मेरे मुरझाए लंड मे जान फूँक दी. मेरे लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया. में समझ गया कि मुझे बबिता की गंद मारने का और मौका भविष्या मे मिलेगा.

मेने और बबिता ने अपने आप को टवल से साफ किया और अपने कपड़े पहन लिए. में बबिता से पहले पार्टी में पहुँचा तो मेरा सामना प्रशांत से हो गया, "लगता है तुम्हारी और बबिता में अच्छी ख़ासी जमने लगी है. अब मेरा समय है कि में प्रीति के सेक्स ज्ञान को और आगे बधाउ."

प्रशांत अब प्रीति को खोज रहा था. प्रीति कमरे के एक कौने मे खड़ी अविनाश और मिनी से बातें कर रही थी. हक़ीकत में अविनाश बार स्टूल पे बैठा था और प्रीति उसके पास एक दम सत कर खड़ी थी. अविनाश के दोनो हाथ उसकी कमर पर थे.

मैने देखा कि प्रशांत प्रीति के पास गया और उसके कान में कुछ कहा. प्रीति उसकी बात सुनकर अविनाश से बोली, "सॉरी, में अभी आती हूँ." कहकर वो गेस्ट रूम की ओर बढ़ गयी.

प्रशांत मेरी तरफ आया और कहा, "अब तुम्हारी बारी है देखने की." कहकर वो गेस्ट रूम की ओर बढ़ गया. एक बार तो मेरी समझ में नही आया कि में क्या करूँ फिर में भी उसके पीछे बढ़ गया. में भी देखना चाहता था कि वो मेरी बीवी के साथ क्या करता है.

प्रशांत के जाते ही में भी उसके पीछे जा खिड़की के पीछे वहीं छुप गया जहाँ थोड़ी देर पहले प्रशांत खड़ा था. प्रशांत और प्रीति कमरे में पहुँच चुके थे, और प्रीति उसे अविनाश और मिनी के बारे में बता रही थी. प्रीति बता रही थी अविनाश कितना हासमुख इंसान था उसके किस तरह जोक्स सुना कर हंसा रहा था.

प्रशांत ने प्रीति से पूछा, "क्या तुम्हे अविनाश अच्छा लगता है?".

"हाँ अविनाश एक अच्छा इंसान है और मिनी भी. दोनो काफ़ी अच्छे है." प्रीति ने जवाब दिया.

"नही सच बताओ क्या तुम अविनाश से चुदवाना चाहती हो, मुझे और बबिता को मालूम होना चाहिए. हम लोग पिछले साल भर से दोस्त है और तुम्हे नही मालूम अविनाश कितनी अछी चुदाई करता है." प्रशांत ने कहा.

क्रमशः...............

raj..
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Re: नये पड़ोसी

Unread post by raj.. » 28 Oct 2014 04:09

Nai Padosib paart--3

gataank se aage.........

Apne hothon pe lage mere virya ko apni jeebh se saf karte hue wo boli, "Raj jante ho aaj mein bazaar se kya lekar aayi hun?" itna keh wo mujhe ghasit kar bedroom me le gayi. Bedroom me pahunch meine dekha ki bistar par ek bahot hi kale rang ka 9 inck lamba aur 3 inch mota dildo pada tha.

Preeti ne bataya ki wo ye dildo Babita ke sath bazaar se laayi hai. Ye battery se chalta hai. Preeti ise ajmana chahti thi, meine drawer se battery nikal usme laga di. Preeti bistar par let gayi aur apne gown ko kamar tak utha diya aur apni choot ko faila diya.

Meine dekha ki kai dino se Preeti ne panty pehnna chod diya tha. "Mein chahti hon ki tum ise meri choot mein dalkar mujhe isse chodo." Kehkar Preeti ne dildo mere hathon me pakda diya. Meine pehle uski safa chat choot ko chuma phir dildo ko uski choot ke muhane pe rakh diya. Dildo mere lund se bhi mota tha aur mein soch raha tha ki wo Preeti ki choot mein kahan tak jayega.

Meine dildo uski choot pe rakh andar ghusane laga. Preeti apni tange hawa mein uthaye hue thi. Thodi der mien hi pura dildo uski choot mien ghus gaya. Uska on ka switch on kar diya. Ab wo Preeti ko maze de raha tha aur uske munh se siskari nikal rahi thi, "OHHHHHHHHH AHHHHHHHHHH."

Itne mein hi phone ki ghanti bazi. Preeti jhat se bistar par se uth phone sunne lagi. Phone par uski friend thi jo thodi der mien hamare ghar aa rahi thi. Preeti ne apne kapde durust kiye aur dildo ko bed ke side drawer mien rakh diya. Darwaze ki ghanti bazi aur Preeti apne friend ko receive karne chali gayi.

Meine bhi raat ke karyakram ko anjam dene ki liye Babita ka phone milaya. Usne pehli ghanti par hi phone uthaya aur hanste hue pucha, "Preeti ko apna naya khilona kaisa laga?" Meine uski baton ko nazarandaz kar diya. Meine use bataya ki use raat ki party mein tight black dress pehan kar aani thi aur use niche kuch bhi nahi pehnna tha. Na hi kisis tarah ki bra aur na hi panty. Aur sath hi sandle bhj ek dum high heel ki honi chahiye. Usne bataya ki aisi hi ek dress uske pas hai. Babita ne pucha ki unke kuch dost unke sath rehne ke liye aa rahe hai, kya wo unhe sath mein party mein la sakti hai. Mein use haan kar di.

Sab se pehle pahunchne walon mein Prasahant aur Babita hi the, we kareeb 7.00 baje pahunch gaye the. Unke sath unke dost Avinash aur Mini the. Dono ki jodi khub janch rahi thi. Avinash jise sab pyar se Avi kehte the three piece suit mein kafi handsome lag raha tha. Aur Mini ka to kehna hi kya, usne kale rang ki deep cut dress pehan rakhi thi jo uske ghutno tak aa rahi thi. Gora rang, patli kamar aur sudaul tange. Mini kafi sunder dikhayi de rahe.

Par Babita ko dekh kar meri sanse upar ki upar rah gayi. Jaise meine kaha tha usne low cut ki kaale colour ki tight dress pehen rakhi thi. Aur wo Mini ki dress se bhi choti thi. Uske ghutno se thoda upar ki aur tak. Dress itni choti thi ki bina dress ko upar kiye uski saf aur chikini choot dikhayi de sakti thi. Pata nahi Babita kaise himmat ki hogi bina bra aur panty ke ye dress pehnne ki.

Preeti apni lal dress mein aayi jo usne isi party ke liye nai kharidi thi. Sabka parichay karane ke bad mein apne kaam mein jut gaya. Mein Babita ko ishara kar bar counter ki aur badh gaya, aur drinks banane laga. Jab mein drinks bana raha tha tab Babita mere piche aa mere kan mein kaha ki usne waise hi kiya jaisa meine use karne ko kaha tha.

Wo mere samne aa apni tange thodi faila khadi ho gayi, jaise batana chahti ho ki wo sahi keh rahi hai. Meine jan bujh kar apne hath mein pakda bottle opener niche jameen par gira diya. Jaise hi mein wo opener uthane ko niche jhuka Babita ne apni dress utha apni balon rahit choot ko mere munh ke aage kar diya. Uske is andaz ne mere lund ko tana diya. Mein thoda se age badh halke su uski choot ko chuma aur khada ho gaya. Accha hua meri is harkat ko kamre mein baithe logon ne nahi dekha.

Dhire dhier log ikathe hote jaa rahe the. Babita mere sath mere piche khade mujhe driknks banana mein sahaita kar rahi thi. Bar ki aad lekar mujhe jab bhi mauka milta mein uski chuttad aur uski gaand pe hath phira deta. Ek bar jab hamari taraf koi nahi dekh raha tha to usne mera hath pakad apni choot pe rakh diya aur kaha, "Raj meri choot ko apni ungli se chodo no."

Mera Lund meri pant mein ek dum tan chuka tha. Ab mein uski garmi shant karna chahta tha. Pehle Preeti ko uske nai dildo ke sath aur ab pichle 30 minute uske sath khelte hue mera lund puri tarah se tayyar tha.

Meine Preeti ke taraf dekha wo Avinash aur Mini ke sath baton me mashgul thi. Prashant bhi Preeti ke khayalon me khoya hua tha. Ye upukt samay tha Babita ko guest room me le jakar chodne ka. Meine Babita se kaha, "tum guest room me chalo mein tumhare piche aata hun."

Babita bina kuch kahe guest room ki aur badh gayi. Magar mera irada keval Babita ko chodne ka nahi tha balki mein chahta tha ki uski chudai Prashant apni ankhon se dekhe. Mein uske paas gaya aur use side me le jakar usse kaha, Prashant aaj me tumhari biwi ki gand marunga aur mein chahta hun ki tum ye sab apni ankhon se dekho. Aisa karna tum khidki ke piche chip kar sab dekh sakte ho, meine khidki ke pat thode khule chod diye hai." Itna kehkar mein guest room ki taraf badh gaya.

Mein kamre me pahuncha to Babita mera intezar kar rahi thi. Meine darwaza band kiya aur use bahon me bhar uske hothon ko chumne laga. Meine uske badan ko sehlate hue uski pith par lagi zip khol di, "Babita apni dress uttar do."

Babita ne apni dress uttar di. Usne niche kuch nahi pehna tha. Ab wo nangi khadi meri aur dekh rahi thi. Babita nangi itni sunder lag rahi thi ki kisi bhi mard ko madhosh kar sakti thi.

Meine apne dono hathon se uski chuchiyan pakad kar use apne nazdik khinch liya, aur uske kan mein phusphusaya, "Babita aaj mein tumhari gaand marna chahta hun."

Meri baat sunkar wo muskura di aur kaha, "Raj mein puri tarah se tumhari hun. Tumhara jo jee chahe tum kar sakte ho."

Babita ab ghutno ko bal baith kar meri pant ke button kholne lagi. Button khulte hi mera lund phunkar mar bahar nikal aaya. Babita ne bade pyar se use apne munh me le choosne lagi. Wo itne pyar se chus rahi thi jaise wo mere lund ko apni gand ke liye tayyar kar rahi ho.

Meine apni jindagi mein kabhi kisi aurat ki gaand nahi mari thi. Meine kai bar Preeti ko iske liye kaha par har bar usne saaf mana kar diya. Ek bar mere kafi jid karne par wo tayyar ho gayi. Par meri kismat jaise hi meine apna lund uski gand me ghusaya wo dard ke mare itni jor ki chikhi, ke ghabra kar meine apna lund bahar nikal liya. Uske baad meine dubara kabhi is bat ki himmat nahi ki.

Magar aaj lag raha tha ki meri barson ki murad puri hone wala hai. Meine bina samay bitai apne kapde uttar diye aur nanga ho gaya aur Babita se kaha, "Baita ab tum mere lund ko apni gand ke liye tayyar karo?"

Wo khadi ho gayi aur mere lund ko pakad mujhe bathroom ki taraf ghasitne lagi, "Raj tumhare paas koi cream hai."