कमीना compleet

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rajaarkey
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Re: कमीना

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:21

कमीना--25

गतान्क से आगे.............................

निशा अपनी मोटी गान्ड को उठा-उठा कर रवि के लंड मे मारने लगती है और जब उससे बर्दास्त करना मुस्किल हो जाता है तो निशा नीचे लुढ़क जाती है और रवि को पकड़ कर अपने उपर चढ़ाने लगती है, रवि झट से अपनी भाभी की गदराई मोटी

जाँघो को फैला कर उसकी फूली हुई चूत मे अपने लंड को लगा कर एक तगड़ा शॉट मारता है और उसका लंड उसकी भाभी की चूत मे जड़ तक समा जाता है, रवि अपनी भाभी की मोटी-मोटी जाँघो को कस कर दबोचता हुआ उसकी चूत मे अपने लंड के धक्के मारने लगता है और निशा आह-आह करते हुए सीसियती हुई उसके लंड पर अपनी चूत उठा-उठा कर मारने लगती है,

रवि सतसट अपनी भाभी की चूत को कस-कस कर चोदने लगता है और निशा की चूत पानी-पानी हो जाती है,

कुछ देर बाद रवि अपनी भाभी को बेड पर घोड़ी बना देता है और उसकी चूत मे अपने लंड को पीछे से लगा कर एक कस कर धक्का मारता है और उसका पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर समा जाता है और रवि अपनी भाभी की मोटी गदराई गान्ड को मसलते हुए उसकी फूली हुई चूत मे अपने लंड को पेलने लगता है, निशा रवि के लंड के धक्को का जवाब अपनी अपनी चूत को उसके लंड पर मारती हुई देने लगती है जब निशा से सहना मुश्किल हो जाता है तो वह एक दम से लुढ़क जाती है और रवि अपनी भाभी की मोटी जाँघो को पूरा फोल्ड करके अपने पेर के पंजो पर बैठ कर अपनी भाभी की चूत को अपने लंड से कस-कस कर ठोकने लगता है और निशा खूब कस-कस कर उसके लंड पर अपनी चूत के धक्के मारने लगती है,

लगभग 20 मिनिट तक उसी पोज़ मे रवि अपनी भाभी को चोदता है और उसके बाद निशा की चूत की चिकनाहट खूब बढ़ जाती है और वह रवि को अपने हाथो से कस लेती है और रवि लगभग 20-25 तगड़े धक्के अपनी भाभी की चूत मे सतसट मारता हुआ उसकी चूत के अंदर अपने पानी को छोड़ देता है और निशा सीसियती हुई रवि को अपनी बाँहो मे कस कर पानी छोड़ती हुई गहरी-गहरी साँसे लाने लगती है, कुछ देर तक दोनो एक दूसरे से चिपके पड़े रहते है उसके बाद रवि अपनी भाभी को मुस्कुरा कर देखता हुआ उसके उपर से हट जाता है, निशा अपनी आँखे बंद किए हुए गहरी-गहरी साँसे लेती रहती है और फिर रवि जब उसके गालो को अपने दन्तो मे भर कर काटता है तब निशा अपनी आँखे खोल कर रवि को देखती है और फिर दोनो देवेर भाभी एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते है,

रवि- मुस्कुरा कर अपनी भाभी के मोटे-मोटे दूध के निप्पल को मसलता हुआ, भाभी आख़िर मेने आपको भी चोद ही

दिया,

निशा- मुस्कुरा कर उसके गाल को अपने हाथो से खिचती हुई, तू बहुत बड़ा कमीना है रवि, और दोनो एक दूसरे की बाँहो

मे चिपक जाते है,

उधर पायल और सोनिया करण से मिलने के लिए उसे फोन करके एक रेस्टौरेंट मे बुलाते है और करण वहाँ पहुच जाता

है, करण उन दोनो के पास पहुच कर दोनो को गौर से देखता है जैसे पहचानने की कोशिश कर रहा हो कि इनमे से उसकी

होने वाली बीबी कौन है और फिर मुस्कुरा कर सोनिया को देख कर

करण- लगता है आपने मुझे पहचाना नही

सोनिया- कुछ शरमाती हुई अपनी नज़रे उठा कर करण को देखती है और फिर उसको पहचानने की कोशिश करती है लेकिन उसे कुछ याद नही आ पता है,

करण- रहने दीजिए ज़्यादा अपने दिमाग़ पर ज़ोर मत लगाइए मे बता देता हू कि हमारी पहली मुलाकात कहाँ हुई थी और फिर करण उससे हुई उस टक्कर के बारे मे याद दिलाता है और सोनिया ना चाहते हुए भी उसकी और देख कर थोडा सा मुस्कुरा देती है,

करण- पायल की ओर देख कर, मगर मेने आपको नही पहचाना

पायल- दरअसल मे सोनिया को दोस्त हू और सोनिया के कहने पर आपसे मिलने आ गई

करण- यह तो आपने बहुत ही अच्छा किया इसी बहाने आप से भी मुलाकात हो गई,

पायल- दरअसल करण मे आपसे कुछ बात करना चाहती थी

करण- अरे इसमे इतना सोचने की क्या ज़रूरत है आप बिंदास कहिए आप क्या कहना चाहती है,

पायल- सोनिया की ओर देखती है और सोनिया,

सोनिया- मे दो मिनिट मे आती हू आप लोग बाते कीजिए

सोनिया वहाँ से उठ कर चली जाती है और करण हाँ तो मिस ?

पायल- पायल नाम है मेरा

करण- हाँ तो पायल जी अब बताइए क्या कहना चाहती है आप

पायल- देखो करण मे कुछ भी घुमा फिरा कर नही कहना चाहती, मे बस तुमसे यह कहना चाहती हू कि मेरी सहेली

अभी शादी नही करना चाहती है लेकिन उसके मम्मी-पापा उसे फोर्स करके उसकी शादी कर रहे है जिसके करण वह काफ़ी

दुखी है,

करण- वो सब तो ठीक है लेकिन आप मुझसे क्या चाहती है

पायल- अपनी नज़रे इधर उधर घूमाते हुए, करण मे यह चाहती हू कि तुम इस रिश्ते से इनकार कर दो

करण पायल की बात सुन कर उसका मुँह देखने लगता है और पायल उसका मुँह देखते हुए उसके जवाब का इंतजार करने लगती है,

करण- लेकिन पायल जी यह कैसे हो सकता है, मुझे सोनिया पसंद है और मे उससे शादी करने को रेडी हू और यह बात

मे अपने मा-बाप को भी बता चुका हू,

पायल- पर करण तुम सोनिया के ज़ज्बात को समझो और तुम्हारे लिए ना कहना कौन सा मुश्किल है

करण- देखिए पायल जी, केवल रिश्ता तोड़ने की बात होती तो मुझे कोई प्राब्लम नही थी पर सच तो यह है कि सोनिया को मे बहुत ज़्यादा पसंद करता हू और अब मे उसके मॅटर पर कोई कॉंप्रमाइज़ नही कर सकता हू, मे सोनिया से किसी भी कीमत पर शादी करूँगा,

पायल- करण की बात सुन कर अपनी नज़रे नीची करके उदास हो जाती है और करण उसके खूबसूरत चेहरे को गौर से देखने लगता है,

पायल- कुछ सोच कर करण क्या कोई रास्ता नही है कि तुम सोनिया से शादी ना करो

करण- पायल की खूबसूरती को देखता हुआ, कुछ सोच कर, एक रास्ता है पायल जी, लेकिन वह आपको शायद पसंद ना आए

पायल- उसकी और हसरत भरी निगाहो से देखती हुई, तो बताइए ना क्या रास्ता है

करण- पायल जी मे सोनिया को एक ही शर्त पर छोडने के लिए तैयार हू, यदि आप मुझसे शादी करने को रेडी हो जाए तो,

पायल- करण की बात सुन कर एक दम सुन्न रह जाती है और करण का मुँह देखने लगती है

करण- मुस्कुराता हुआ, मेने कहा था ना कि आपको शायद मेरी बात पसंद ना आए, लेकिन सच कहु पायल जी बुरा मत

मानीएगा, सोनिया के बदले अगर कोई लड़की इस दुनिया मे होगी तो वह आप ही है आप के अलावा मे दुनिया की किसी भी लड़की के लिए सोनिया को छोडने को तैयार नही हू, इसे आप मेरी शर्त मानिए या मेरा फ़ैसला,

करण की बात सुन कर पायल करण को गौर से देखती हुई अपने मन मे सोचती है, कमीना बड़ा होशियार बनता है जब की

यह नही जानता कि इससे भी बड़े-बड़े कमिने इस दुनिया मे पड़े है, साले मुझसे शादी करके तू घाटे मे ही रहेगा क्यो

की तुझे चुदी-चुदाई बीबी मिलने वाली है, लगता है तेरी किस्मत मे किसी कुँवारी की चूत को फाड़ना लिखा ही नही है, इसीलिए या तो तेरी शादी सोनिया से होती या फिर अब तू मुझसे शादी करने को मरा जा रहा है,

करण- मुस्कुरकर क्यो पायल जी है ना दिमाग़ की बात अब फ़ैसला ना मेरे हाथ मे है और ना ही सोनिया के हाथ मे, अब जो भी फ़ैसला करना है वह आपको करना है,

पायल- अपने मन मे, अरे कामीने तू दिमाग़ वाला नही एक नंबर. का गधा है, तू कर मुझसे शादी पर याद रखना तेरे ही

घर मे तेरे ही बेड पर तेरी ही बीबी को मेरा भाई आकर ना चोदे तो मेरा भाई इस दुनिया का सबसे बड़ा कमीना नही,

पायल- करण मुझसे सोचने का थोड़ा वक़्त चाहिए

कारण- मुस्कुरा कर जितना वक़्क चाहिए आप ले लीजिए मे आपका और आपके फ़ैसले का इंतजार करूँगा

कुछ देर बाद सोनिया वापस आ जाती है और पायल उसे अपने साथ लेकर चल देती है,

सोनिया- क्या हुआ पायल क्या कहा उसने

पायल- क्या तुझे करण पसंद नही आया

सोनिया- पायल मुझे रवि के सिवा दुनिया का कोई भी लड़का अब पसंद नही आएगा, मे उसके बिना मर जाउन्गि और सोनिया रोने लगती है और पायल उसको देख कर खुद भी दुखी हो जाती है और अपने मन मे तू बहुत किस्मत वाली है सोनिया रवि को चाह कर उसे हासिल भी कर लेगी और एक मे हू जो रवि के सबसे करीब होकर भी उसकी कभी नही हो सकती हू, इस दुनिया ने ना जाने क्यो इंसान को रिश्तो के बंधन मे बाँध दिया है जब की दिल किसी के लिए धड़कना शुरू हो जाए तो उसे कोई रिश्ता नज़र नही आता है उसे तो बस प्यार करना आता है और वह उस प्यार के लिए अपना सब कुछ लूटा देना चाहता है,

खेर मे रवि की बीबी नही बन सकती लेकिन उसकी बीबी बने बिना उससे जिंदगी भर प्यार तो कर ही सकती हू और मेरे और रवि के दिलो के प्यार को तो कोई रिश्ते की दीवार रोक नही सकती है,

पायल अपने घर आकर सीधे रवि के रूम मे जाती है और उस समय रवि बाथरूम मे रहता है तब पायल अपनी भाभी के

रूम मे झाँक कर देखती है तो निशा उसे अपने बेड पर सोई हुई नज़र आती है, पयल वापस रवि के रूम मे आ जाती है

तभी पायल की नज़र रवि के मोबाइल पर पड़ती है और वह उसका मोबाइल उठा कर जैसे ही बटन प्रेस करती है उसे एक मिस्कल्ल नज़र आता है और वह जब उस मिस्कल्ल को देखती है तो उस पर करण लिखा होता है पायल उस नाम को देख कर कुछ सोचने लगती है फिर जल्दी से उस मिस्स्कल्ल को एडिट करके उस नंबर. को देखती है और फिर अपने मोबाइल से सोनिया को कॉल करती है और सोनिया से करण का नंबर. मांगती है और जैसे ही सोनिया उसे कारण का नंबर. बताती है पायल के होश उड़ जाते है और वह सोचने

लगती है कि करण का नंबर. रवि के मोबाइल मे कैसे आया, तभी रवि बाथरूम का गेट खोल कर बाहर आता है और

रवि- मुस्कुराते हुए अरे दीदी आ गई तुम कितनी देर लगा दी मे कब से तुम्हारा वेट कर रहा था

पायल- हाँ वो सोनिया के घर पर ही रुक गई थी

रवि- पायल का चेहरा देखते हुए क्या बात है दीदी कुछ प्राब्लम है क्या,

पायल- नही रवि ऐसी कोई बात नही है

रवि- दीदी तुम्हारे दिल मे दर्द हो और मुझे पता ना चले यह कभी हो सकता है क्या, सच बोलो क्या बात है

पायल- मुस्कुराने की कोशिश करती हुई नही रवि ऐसी कोई बात नही है

रवि- उसका हाथ पकड़ कर अपने सर पर रखता हुआ, अगर अभी के अभी नही बताया कि क्या बात है तो मेरी जान...

पायल- अपने हाथ को रवि के मुँह पर रखती हुई उसके शब्दो को उसके मुँह मे ही रोक देती है और फिर रवि को सारी बात बता देती है,

रवि- पायल की बात सुन कर, दीदी कौन है वह लड़का मुझे एक बार उससे मिलवा दो मे उसे वही जिंदा गढ़ दूँगा, उसकी हिम्मत कैसे हुई तुमसे इतनी बात करने की, तुम मुझे अभी उसके पास लेकर चलो

पायल- अरे तू तो बिल्कुल पागल है, पहले यह तो पूछ कि दीदी तुम्हे वह लड़का पसंद है की नही तुम उससे शादी करोगी की नही उसके बाद उसे मारने की बात करना

रवि- नही दीदी मे सोनिया को पाने के लिए तुम्हारी लाइफ खराब नही कर सकता हू, तुम्हारी शादी उसी से होगी जिसे तुम

पसंद करोगी, इस तरह मेरे लिए किसी भी ऐरे गैरे से तुम शादी नही करोगी और यह मेरा आख़िरी फ़ैसला है फिर चाहे

मुझे सोनिया को ही क्यो ना भूलना पड़े, सोनिया की खातिर मे तुम्हारी कुर्बानी नही दे सकता हू,

पायल- रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए उसे अपने सीने से लगती है और इतना प्यार करता है अपनी दीदी से की उसके लिए अपनी प्रमिका को भी भूलने को रेडी है

रवि- दीदी इस दुनिया मे जितना मे तुम्हे चाहता हू उतना मे ना किसी को चाहता हू और ना ही कभी किसी को चाह पाउन्गा, और अगर तुम्हारे और मेरे बीच कभी तुम्हारा पति भी आ गया तो फिर समझ लो उसका भी गेम बजा दूँगा,

पायल- अरे पागल कही के मे इतनी भी पागल नही हू कि किसी भी ऐरे गैरे से शादी कर लूँगी, उस लड़के से मे मिल चुकी हू और देखने मे कोई बुरा नही है बस उसके बॅकग्राउंड का पता लगाना है उसके बाद फिर मे कोई फ़ैसला लूँगी, क्योकि मेरे

फेसले पर ही तेरी लव स्टोरी का क्लाइमॅक्स लिखा जाएगा, इसलिए तू फिकर मत कर तेरी दीदी तुझसे ज़्यादा समझदार है, वह आगे और पीछे दोनो तरफ का सोच कर चलती है और फिर हमे ऐसा फ़ैसला भी तो लेना होगा जिससे हम दोनो जब चाहे एक दूसरे की बाँहो मे समा सके और हमे रोकने वाला कोई ना हो,

रवि- पायल की बात सुन कर मुस्कुराते हुए, ठीक है दीदी लेकिन पहले मे उस लड़के से मिलूँगा अगर मुझे ठीक लगा तो ही

मे तुम्हे एस कहने दूँगा वरना नही

पायल- उसके गालो को चूमती हुई ओके बाबा ओके, अच्छा रवि एक बात तो बता यह करण कौन है, तेरे मोबाइल पर उसका मिस्स्कल्ल पड़ा हुआ था,

रवि- अरे दीदी करण के बारे मे मेने कभी तुम्हे बताया नही, दरअसल वह मेरा सबसे पक्का दोस्त है और हम दोनो

बहुत छोटे से ही एक दूसरे के दोस्त रहे है और जैसे-जैसे हम दोनो बड़े हुए हमारे विचार मिलते गये और हमारी

दोस्ती बढ़ती गई, आज तो यह हालत है कि करण मेरी एक आवाज़ पर अपनी जान दे सकता है,

पायल- मुस्कुराते हुए, अच्छा पर यह तेरा दोस्त करता क्या है

रवि- दीदी वह जॉब करता है और उसके मा-बाप गाँव मे रहते है वह यहा अकेला रहता है, और हाँ वह जॉब सिर्फ़ शौकिया

तौर पर करता है, जबकि उसके पास उसके बाप-दादा की काफ़ी ज़मीन और संपत्ति है वह अगर नौकरी ना भी करे तो अपनी

सारी लाइफ आराम से बैठ कर खा सकता है,

पायल- मुस्कुरा कर, रवि एक बात पुच्छू

रवि- पूछो

पायल- रवि तू बुरा तो नही मानेगा ना

रवि- ऑफ हो दीदी तुम पूछो ना, मेने कभी तुम्हारी किसी बात का बुरा माना है क्या

पायल- रवि अगर मे तेरे इस दोस्त से शादी करना चाहू तो

रवि- पायल की बात सुन कर ज़ोर-ज़ोर से हस्ने लगता है और पायल उसका मुँह आश्चर्या से देखने लगती है

पायल- रवि क्या हुआ क्यो हस रहा है, क्या मेने कोई जोक सुनाया है तुझे

रवि- अरे दीदी तुम्हारी बात किसी जोक से कम थोड़े ही है,

पायल- क्यो ऐसा क्या कह दिया मेने

रवि- अरे दीदी तुम शादी करोगी और वह भी इस गधे से

पायल- क्यो तेरा दोस्त अच्छा नही लगता है क्या

रवि- नही दीदी ऐसी बात नही है, वो तो क्या है ना, इस बेचारे से कभी कोई लड़की फसि ही नही और यह कुछ भोला किस्म का बंदा है इस लिए मे इसे गधा ही कहता रहता हू,

पायल- मुस्कुरा कर, तो फिर इस गधे से अगर मे शादी कर लेती हू तो तेरा ही फयडा है ना

रवि- एक दम से पायल के खूबसूरत मुस्कुराते हुए चेहरे को देख कर उसकी बात सुनता है और फिर पायल के शातिर दिमाग़ के बारे मे सोचते हुए पायल के खिलखिलाते चेहरे को घूरते हुए देखने लगता है,

पायल- रवि को इस तरह अपनी ओर देख कर थोड़ा शांत होती है और उसकी हसी कुछ गायब होने लगती है, पायल ऐसे क्या देख रहा है

रवि- दीदी मेरे करीब . ना

पायल- कुछ शर्मा कर लेकिन मुस्कुरा कर उसके पास आती है और रवि उसे अपनी गोद मे बैठा लेता है और उसके रसीले

होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है और लगभग 2 मिनिट तक अपनी दीदी के होंठो को चूस्ता हुआ अपनी दीदी

के कसे हुए कठोर दूध को दबाता रहता है,

क्रमशः.........................

KAMINA--25

gataank se aage.............................

nisha apni moti gaanD ko utha-utha kar ravi ke lund me marne lagti hai aur jab usse bardast karna muskil ho jata hai to

nisha niche ludhak jati hai aur ravi ko pakad kar apne upar chadhane lagti hai, ravi jhat se apni bhabhi ki gadaraai moti

jangho ko phaila kar uski phuli hui chut me apne lund ko laga kar ek tagda shot marta hai aur uska lund uski bhabhi ki

chut me jad tak sama jata hai, ravi apni bhabhi ki moti-moti jangho ko kas kar dabochta hua uski chut me apne lund ke

dhakke marne lagta hai aur nisha aah-aah karte hue sisiyati hui uske lund par apni chut utha-utha kar marne lagti hai,

ravi satasat apni bhabhi ki chut ko kas-kas kar chodane lagta hai aur nisha ki chut pani-pani ho jati hai,

kuch der bad ravi apni bhabhi ko bed par ghodi bana deta hai aur uski chut me apne lund ko piche se laga kar ek kas kar

dhakka marta hai aur uska pura lund uski chut ko phadta hua andar sama jata hai aur ravi apni bhabhi ki moti gadaraai

gaanD ko maslte hue uski phuli hui chut me apne lund ko pelne lagta hai, nisha ravi ke lund ke dhakko ka jawab apni

apni chut ko uske lund par marti hui dene lagti hai jab nisha se sahna mushkil ho jata hai to vah ek dam se ludhak jati

hai aur ravi apni bhabhi ki moti jangho ko pura fold karke apne per ke panjo par baith kar apni bhabhi ki chut ko apne

lund se kas-kas kar thokne lagta hai aur nisha khub kas-kas kar uske lund par apni chut ke dhakke marne lagti hai,

lagbhag 20 minute tak usi pose me ravi apni bhabhi ko chodata hai aur uske bad nisha ki chut ki chiknahat khub badh jati

hai aur vah ravi ko pane hatho se kas leti hai aur ravi lagbhag 20-25 tagde dhakke apni bhabhi ki chut me satasat marta

hua uski chut ke andar apne pani ko chod deta hai aur nisha sisiyati hui ravi ko apni banho me kas kar pani chodti hui

gahri-gahri sanse lane lagti hai, kuch der tak dono ek dusre se chipke pade rahte hai uske bad ravi apni bhabhi ko

muskura kar dekhta hua uske upar se hat jata hai, nisha apni ankhe band kiye hue gahri-gahri sanse leti rahti hai aur

phir ravi jab uske galo ko apne danto me bhar kar katta hai tab nisha apni aankhe khol kar ravi ko dekhti hai aur phir

dono dever bhabhi ek dusre ko dekh kar muskura dete hai,

ravi- muskura kar apni bhabhi ke mote-mote doodh ke nippal ko masalta hua, bhabhi aakhir mene aapko bhi chod hi

diya,

nisha- muskura kar uske gal ko apne haatho se khichti hui, tu bahut bada kamina hai ravi, aur dono ek dusre ki banho

me chipak jate hai,

udhar payal aur soniya karan se milne ke liye use phone karke ek restaurent me bulate hai aur karan vaha pahuch jata

hai, karan un dono ke pas pahuch kar dono ko gaur se dekhta hai jaise pahchanne ki koshish kar raha ho ki inme se uski

hone wali bibi kaun hai aur phir muskura kar soniya ko dekh kar

karan- lagta hai aapne mujhe pahchana nahi

soniya- kuch sharmati hui apni najre utha kar karan ko dekhti hai aur phir usko pahchanne ki koshish karti hai lekin use

kuch yaad nahi aa pata hai,

karan- rahne dijiye jyada apne dimag par jor mat lagaiye me bata deta hu ki hamari pahli mulakat kaha hui thi aur phir

karan usse hui us takkar ke bare me yaad dilata hai aur soniya na chahte hue bhi uski aur dekh kar thoda sa muskura

deti hai,

karan- payal ki aur dekh kar, magar mene aapko nahi pahchana

payal- darasal me soniya ko dost hu aur soniya ke kahne par aapse milne aa gai

karan- yah to aapne bahut hi achcha kiya isi bahane aap se bhi mulakat ho gai,

payal- darasal karan me aapse kuch bat karna chahti thi

karan- are isme itna sochne ki kya jarurat hai aap bindas kahiye aap kya kahna chahti hai,

payal- soniya ki aur dekhti hai aur soniya,

soniya- me do minute me aati hu aap log baate kijiye

soniya vaha se uth kar chali jati hai aur karan ha to miss ?

payal- payal nam hai mera

karan- ha to payal ji ab bataiye kya kahna chahti hai aap

payal- dekho karan me kuch bhi ghuma phira kar nahi kahna chahti, me bas tumse yah kahna chahti hu ki meri saheli

abhi shadi nahi karna chahti hai lekin uske mummy-papa use fors karke uski shadi kar rahe hai jiske karan vah kaphi

dukhi hai,

karan- vo sab to thik hai lekin aap mujhse kya chahti hai

payal- apni najre idhar udhar ghumate hue, karan me yah chahti hu ki tum is rishte se inkar kar do

karan payal ki bat sun kar uska munh dekhne lagta hai aur payal uska munh dekhte hue uske jawab ka intjar karne lagti

hai,

karan- lekin payal ji yah kaise ho sakta hai, mujhe soniya pasand hai aur me usse shadi karne ko reddy hu aur yah bat

me apne ma-bap ko bhi bata chuka hu,

payal- par karan tum soniya ke jajbat ko samjho aur tumhare liye na kahna kaun sa mushkil hai

karan- dekhiye payal ji, keval rishta todne ki bat hoti to mujhe koi problem nahi thi par sach to yah hai ki soniya ko me

bahut jyada pasand karta hu aur ab me uske matter par koi compromise nahi kar sakta hu, me soniya se kisi bhi kimat

par shadi karunga,

payal- karan ki bat sun kar apni najre nichi karke udas ho jati hai aur karan uske khubsurat chehre ko gaur se dekhne

lagta hai,

payal- kuch soch kar karan kya koi rasta nahi hai ki tum soniya se shadi na karo

karan- payal ki khubsurti ko dekhta hua, kuch soch kar, ek rasta hai payal ji, lekin vah aapko shayad pasand na aaye

payal- uski aur hasrat bhari nigaho se dekhti hui, to bataiye na kya rasta hai

karan- payal ji me soniya ko ek hi shart par chodane ke liye taiyar hu, yadi aap mujhse shadi karne ko reddy ho jaye to,

payal- karan ki bat sun kar ek dam sunn rah jati hai aur karan ka munh dekhne lagti hai

karan- muskurata hua, mene kaha tha na ki aapko shayad meri bat pasand na aaye, lekin sach kahu payal ji bura mat

maniyega, soniya ke badle agar koi ladki is duniya me hogi to vah aap hi hai aap ke alawa me duniya ki kisi bhi ladki ke

liye soniya ko chodane ko taiyar nahi hu, ise aap meri shart maniye ya mera phaisla,

karan ki bat sun kar payal karan ko gaur se dekhti hui apne man me sochti hai, kamina bada hoshiyar banta hai jab ki

yah nahi janta ki isse bhi bade-bade kamine is duniya me pade hai, sale mujhse shadi karke tu ghate me hi rahega kyo

ki tujhe chudi-chudai bibi milne wali hai, lagta hai teri kismat me kisi kunwari ki chut ko phadna likha hi nahi hai, isiliye

ya to teri shadi soniya se hoti ya phir ab tu mujhse shadi karne ko mara ja raha hai,

karan- muskurakar kyo payal ji hai na dimag ki bat ab phaisla na mere hath me hai aur na hi soniya ke hath me, ab jo

bhi phaisla karna hai vah aapko karna hai,

payal- apne man me, are kamine tu dimag wala nahi ek no. ka gadha hai, tu kar mujhse shadi par yaad rakhna tere hi

ghar me tere hi bed par teri hi bibi ko mera bhai aakar na chode to mera bhai is duniya ka sabse bada kamina nahi,

payal- karan mujhse sochne ka thoda waqt chahiye

karan- muskura kar jitna waqk chahiye aap le lijiye me aapka aur apke phaisle ka intjar karunga

kuch der bad soniya vapas aa jati hai aur payal use apne sath lekar chal deti hai,

soniya- kya hua payal kya kaha usne

payal- kya tujhe karan pasand nahi aaya

soniya- payal mujhe ravi ke siva duniya ka koi bhi ladka ab pasand nahi aayega, me uske bina mar jaungi aur soniya

rone lagti hai aur payal usko dekh kar khud bhi dukhi ho jati hai aur apne man me tu bahut kismat wali hai soniya ravi

ko chah kar use hasil bhi kar legi aur ek me hu jo ravi ke sabse karib hokar bhi uski kabhi nahi ho sakti hu, is duniya ne

na jane kyo insan ko rishto ke bandhan me bandh diya hai jab ki dil kisi ke liye dhadkna shuru ho jaye to use koi rishta

najar nahi aata hai use to bas pyar karna aata hai aur vah us pyar ke liye apna sab kuch luta dena chahta hai,

kher me ravi ki bibi nahi ban sakti lekin uski bibi bane bina usse jindagi bhar pyar to kar hi sakti hu aur mere aur ravi ke

dilo ke pyar ko to koi rishtey ki deewar rok nahi sakti hai,

payal apne ghar aakar sidhe ravi ke room me jati hai aur us samay ravi bathroom me rahta hai tab payal apni bhabhi ke

room me jhank kar dekhti hai to nisha use apne bed par soi hui najar aati hai, payl vapas ravi ke room me aa jati hai

tabhi payal ki najar ravi ke mobile par padti hai aur vah uska mobile utha kar jaise hi batan press karti hai use ek miscall

najar aata hai aur vah jab us miscall ko dekhti hai to us par karan likha hota hai payal us nam ko dekh kar kuch sochne

lagti hai phir jaldi se us misscall ko edit karke us no. ko dekhti hai aur phir apne mobile se soniya ko call karti hai aur

soniya se karan ka no. magti hai aur jaise hi soniya use karan ka no. batati hai payal ke hosh ud jate hai aur vah sochne

lagti hai ki karan ka no. ravi ke mobile me kaise aaya, tabhi ravi bathroom ka gate khol kar bahar aata hai aur

ravi- muskuraate hue are didi aa gai tum kitni der laga di me kab se tumhara wait kar raha tha

payal- ha vo soniya ke ghar par hi ruk gai thi

ravi- payal ka chehra dekhte hue kya bat hai didi kuch problem hai kya,

payal- nahi ravi aisi koi bat nahi hai

ravi- didi tumhare dil me dard ho aur mujhe pata na chale yah kabhi ho sakta hai kya, sach bolo kya bat hai

payal- muskurane ki koshish karti hui nahi ravi aisi koi bat nahi hai

ravi- uska hath pakad kar apne sar par rakhta hua, agar abhi ke abhi nahi bataya ki kya bat hai to meri jan...

payal- apne hath ko ravi ke munh par rakhti hui uske shabdo ko uske munh me hi rok deti hai aur phir ravi ko sari bat bata

deti hai,

ravi- payal ki bat sun kar, didi kaun hai vah ladka mujhe ek bar usse milwa do me use vahi jinda gad dunga, uski himmat

kaise hui tumse itni bat karne ki, tum mujhe abhi uske pas lekar chalo

payal- are tu to bilkul pagal hai, pahle yah to puch ki didi tumhe vah ladka pasand hai ki nahi tum usse shadi karogi ki

nahi uske bad use marne ki bat karna

ravi- nahi didi me soniya ko pane ke liye tumhari life kharab nahi kar sakta hu, tumhari shadi usi se hogi jise tum

pasand karogi, is tarah mere liye kisi bhi aire gaire se tum shadi nahi karogi aur yah mera aakhiri phaisla hai phir chahe

mujhe soniya ko hi kyo na bhulna pade, soniya ki khatir me tumhari kurbani nahi de sakta hu,

payal- ravi ki bat sun kar muskuraate hue use apne sine se lagati hai aur itna pyar karta hai apni didi se ki uske liye apni

pramika ko bhi bhulne ko reddy hai

ravi- didi is duniya me jitna me tumhe chahta hu utna me na kisi ko chahta hu aur na hi kabhi kisi ko chah paunga, aur

agar tumhare aur mere beech kabhi tumhara pati bhi aa gaya to phir samajh lo uska bhi game baja dunga,

payal- are pagal kahi ke me itni bhi pagal nahi hu ki kisi bhi aire gaire se shadi kar lungi, us ladke se me mil chuki hu

aur dekhne me koi bura nahi hai bas uske background ka pata lagana hai uske bad phir me koi phaisla lungi, kyoki mere

phesle par hi teri love story ka climax likha jayega, isliye tu fikar mat kar teri didi tujhse jayda samajhdar hai, vah aage

aur piche dono taraf ka soch kar chalti hai aur phir hame aisa phaisla bhi to lena hoga jisse hum dono jab chahe ek dusre

ki banho me sama sake aur hame rokne wala koi na ho,

ravi- payal ki bat sun kar muskuraate hue, thik hai didi lekin pahle me us ladke se milunga agar mujhe thik laga to hi

me tumhe yes kahne dunga varna nahi

payal- uske galo ko chumti hui ok baba ok, achcha ravi ek bat to bata yah karan kaun hai, tere mobile par uska misscall

pada hua tha,

ravi- are didi karan ke bare me mene kabhi tumhe bataya nahi, darasal vah mera sabse pakka dost hai aur hum dono

bahut chote se hi ek dusre ke dost rahe hai aur jaise-jaise hum dono bade hue hamare vichar milte gaye aur hamari

dosti bahdti gai, aaj to yah halat hai ki karan meri ek awaj par apni jan de sakta hai,

payal- muskuraate hue, achcha par yah tera dost karta kya hai

ravi- didi vah job karta hai aur uske ma-bap ganv me rahte hai vah yaha akela rahta hai, aur ha vah job sirf shaukiya

taur par karta hai, jabki uske paas uske bap-dada ki kaphi jameen aur sampatti hai vah agar naukri na bhi kare to apni

sari life aaram se baith kar kha sakta hai,

payal- muskura kar, ravi ek bat puchu

ravi- pucho

payal- ravi tu bura to nahi manega na

ravi- off ho didi tum pucho na, mene kabhi tumhari kisi bat ka bura mana hai kya

payal- ravi agar me tere is dost se shadi karna chahu to

ravi- payal ki bat sun kar jor-jor se hasne lagta hai aur payal uska munh ashcharya se dekhne lagti hai

payal- ravi kya hua kyo has raha hai, kya mene koi jok sunaya hai tujhe

ravi- are didi tumhari bat kisi jok se kam thode hi hai,

payal- kyo aisa kya kah diya mene

ravi- are didi tum shadi karogi aur vah bhi is gadhe se

payal- kyo tera dost achcha nahi lagta hai kya

ravi- nahi didi aisi bat nahi hai, vo to kya hai na, is bechare se kabhi koi ladki phasi hi nahi aur yah kuch bhola kism ka

banda hai is liye me ise gadha hi kahta rahta hu,

payal- muskura kar, to phir is gadhe se agar me shadi kar leti hu to tera hi fayda hai na

ravi- ek dam se payal ke khubsurat muskuraate hue chehre ko dekh kar uski bat sunta hai aur phir payal ke shatir dimag

ke bare me sochte hue payal ke khilkhilate chehre ko ghurte hue dekhne lagta hai,

payal- ravi ko is tarah apni aur dekh kar thoda shant hoti hai aur uski hasi kuch gayab hone lagti hai, payal aise kya dekh

raha hai

ravi- didi mere karib aayo na

payal- kuch sharma kar lekin muskura kar uske pas aati hai aur ravi use apni god me baitha leta hai aur uske rasile

hontho ko apne munh me bhar kar chusne lagta hai aur lagbhag 2 minute tak apni didi ke hontho ko chusta hua apni didi

ke kase hue kathor doodh ko dabata rahta hai,

kramashah.........................


rajaarkey
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Re: कमीना

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:22

कमीना--26

गतान्क से आगे.............................

रवि- दीदी तुम मुझे बहुत चाहती हो ना

पायल- मुस्कुरा कर हाँ

रवि- इसी लिए तुम अपनी शादी के बाद मुझसे कैसे मिलोगि यह सोच-सोच कर बेचैन रहती हो ना

पायल- हाँ

रवि- और तुम यह चाहती हो ना कि तुम्हारी शादी कही ऐसी जगह किसी ऐसे बंदे से हो जाए जहा तुम और मे हमेशा

आज़ाद होकर एक दूसरे की बाँहो मे पड़े रहे

पायल- हाँ

रवि- इसी लिए तुम अपनी खुद की शादी को लेकर परेशान हो ना

पायल- हाँ रवि, मे तुझसे जुड़ा होके कैसे रह पवँगी,

रवि- कुछ सोच कर, दीदी फिर तुम्हे करण से ही शादी कर लेनी चाहिए, यही एक रास्ता है हम दोनो का रोज एक दूसरे से

मिलने का, और फिर करण मेरा सबसे अच्छा दोस्त भी है इसलिए वह कभी तुम्हे चाह कर भी दुख नही पहुचा पाएगा

पायल- मुस्कुराते हुए, वो तो ठीक है लेकिन फिर सोनिया और तेरा क्या होगा,

रवि- दीदी हमे हमारी किस्मत पर छोड़ दीजिए

पायल- मुस्कुराते हुए, अच्छा ठीक है, लेकिन एक बार उस साले को फोन लगा के गाली तो दे दे कि तू साले मेरी बहन से

शादी करना चाहता है

रवि- हाँ-हाँ क्यो नही लाओ दो मुझे उसका नंबर.

पायल- रुक मे फोन लगा कर देती हू और पायल अपने मोबाइल से करण का नंबर. मुस्कुराती हुई डाइयल करके रवि को दे देती है

करण- हेलो

रवि- हाँ मे बोल रहा हू

करण- कौन मे

रवि- अच्छा, पायल को तो जानता होगा तू,

करण- कौन पायल

रवि- अबे वही जिससे तूने शादी की बात की थी, भोसड़ी के तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहन से ऐसा कहने की

करण- देखिए भाई साहब वो तो मे इसलिए कह गया क्यो कि वह मेरी होने वाली मंगेतर की सहेली है

रवि- मे तेरी टाँगे तोड़ दूँगा एक बार तू मुझे मिल तो सही

तभी पायल रवि के हाथ से फोन लेकर हेलो करण मे पायल बोल रही हू और ज़ोर-ज़ोर से मुस्कुराने लगती है उधर करण

हैरान रह जाता है और इधर रवि हैरान रह जाता है और पायल हेलो करण मे तुमसे मिलने तुम्हारे घर आ रही हू और

फोन कट कर देती है

रवि- को सारा माजरा समझते देर नही लगती है और वह अपनी दीदी को देख कर दीदी यह सोनिया का मंगेतर और मेरा दोस्त करण एक ही है ना

पायल- मुस्कुरा कर हाँ

रवि- मुस्कुराते हुए, मे इस साले करण की बाजा बजा दूँगा

पायल- अरे रवि अपना मुँह बंद रख वह मुझसे शादी करने के लिए मरा जा रहा है अब तू उसे डराने की कोशिश मत

करना, दोनो लोग कारण के फ्लॅट की ओर उड़ जाते है

उधर करण अपने फ्लॅट मे बैठा-बैठा काफ़ी मुश्किल मे नज़र आ रहा था, और अपने आप से बाते करते हुए उसकी गान्ड

भी फॅट रही थी, पता नही पायल इतना हस क्यो रही थी और उसके भाई साहेब कितने नाराज़ लग रहे थे पर पता नही क्यो उनकी आवाज़ मुझे काफ़ी जानी पहचानी सी लग रही थी, कही मेने पायल को इस तारह बोल कर कोई बड़ी ग़लती तो नही कर दी उपर से पायल यहाँ आने का भी कह रही थी, अब मे क्या करू, तभी उसके दरवाजे की डोर बेल बजती है और जब वह डरता हुआ दरवाजा खोलता है तो सामने रवि को देख कर उसे कुछ राहत महसूस होती है और वह

करण-ओह रवि अच्छा हुआ तू आ गया, मे तो बहुत परेशान था

रवि- उसके ग़रेबान मे हाथ डाल कर तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी दीदी से ऐसी बात करने की

करण- कौन दीदी,

रवि- दीदी ज़रा यहा आओ और पायल रूम के अंदर मुस्कुराती हुई आ जाती है

कारण- पायल को देख कर चौक्ते हुए, यह तेरी दीदी है

रवि -अपने चेहरे पर झूठा गुस्सा दिखाते हुए हाँ

कारण- यार मुझे माफ़ कर्दे मुझे पता नही था कि यह तेरी दीदी है, दीदी आप भी मुझे माफ़ कर दो मे नही जानता था कि

आप रवि की दीदी है,

करण की बात सुन कर रवि और पायल ज़ोर-ज़ोर से हस्ने लगते है और करण उन दोनो का चेहरा देखने लगता है

रवि- कुछ सीरियस होता हुआ, करण क्या मेरी दीदी से शादी करेगा

करण- अपना मुँह फाडे रवि को देखता हुआ, अब बस भी कर यार और कितने मज़े लेगा मेरे, अब मुझे माफ़ भी कर दे

रवि- अबे मे मज़ाक नही कर रहा हू, मेरी दीदी सच मुच तुझसे शादी करना चाहती है, अब बोल करेगा शादी मेरी दीदी से

करण- रवि मुझे मेरी ग़लती का एहसास है यार अब बस भी कर

रवि- अबे मे मज़ाक नही कर रहा हू, मे सच कह रहा हू, बोल तुझे मेरी दीदी पसंद है कि नही

पायल- करण तुम रवि के अच्छे दोस्त हो और मे तुमसे सच मुच शादी करने के लिए तैयार हू, क्या तुम रेडी हो

करण- रवि क्या तू सच कह रहा है

रवि- हाँ यार बिल्कुल सीरियस नो मस्ती नो मज़ाक

करण- अपना सर झुकाते हुए ठीक है आप लोगो की जैसी मर्ज़ी

करण की बात सुन कर रवि और पायल दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते है और करण को अपने मा-बाप को अपने घर बुलाने की बात कह कर लोट आते है,

पायल- अपने भैया से अपनी पसंद के बारे मे बताती है और फिर रोहित करण के मा-बाप से मिल कर उन दोनो का रिश्ता तय कर देता है, इधर पायल रवि और सोनिया के बारे मे भी अपने भैया से बात कर लेती है और रोहित सोनिया के मा-बाप से मिल कर उन दोनो का भी रिश्ता पक्का कर देता है,

रवि और पायल की शादी तय हो जाती है और फिर रवि और पायल उस दिन काफ़ी खुस होकर अपनी जीत का जश्न मनाते हुए एक दूसरे की बाँहो मे समा जाते है और रात भर एक दूसरे को दिल से प्यार करते हुए एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भर कर आने वाले कल की सुनहरी ख्वाहिशो को लेकर एक दूसरे मे समा जाते है, एक लंबी चुदाई के बाद रवि पायल को निशा की चुदाई के बारे मे सब कुछ बता देता है और पायल उसका गाल मुस्कुरा कर खिचती हुई

पायल- रवि तूने अपने कामीनेपन से अपनी दीदी को चोद दिया, फिर सोनिया जैसी कुँवारी लड़की को भी चोद दिया, अपनी भाभी को भी चोद दिया और यहा तक कि अपने दोस्त की बीबी को उसकी बीबी बनने से पहले ही चोद चुका है, अब और किसको चोदने का मूड है तेरा

रवि- कुछ सोच कर, अपने दोस्त करण की मम्मी को

पायल- उसकी बात सुन कर मुस्कुराते हुए, रवि तू वाकई मे बहुत बड़ा कमीना(दा रास्कल) है.

और दोनो एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखते हुए एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भर लेते है.

दोस्तो कैसी लगी ये कहानी

दा एंड

KAMINA--26

gataank se aage.............................

ravi- didi tum mujhe bahut chahti ho na

payal- muskura kar ha

ravi- isi liye tum apni shadi ke bad mujhse kaise milogi yah soch-soch kar bechain rahti ho na

payal- ha

ravi- aur tum yah chahti ho na ki tumhari shadi kahi aisi jagah kisi aise bande se ho jaye jaha tum aur me hamesha

aajad hokar ek dusre ki banho me pade rahe

payal- ha

ravi- isi liye tum apni khud ki shadi ko lekar pareshan ho na

payal- ha ravi, me tujhse juda hoke kaise rah paugi,

ravi- kuch soch kar, didi phir tumhe karan se hi shadi kar leni chahiye, yahi ek rasta hai hum dono ka roj ek dusre se

milne ka, aur phir karan mera sabse achcha dost bhi hai isliye vah kabhi tumhe chah kar bhi dukh nahi pahucha payega

payal- muskuraate hue, vo to thik hai lekin phir soniya aur tera kya hoga,

ravi- didi hame hamari kismat par chod dijiye

payal- muskuraate hue, achcha thik hai, lekin ek bar us sale ko phone laga ke gali to de de ki tu sale meri bahan se

shahdi karna chahta hai

ravi- ha-ha kyo nahi lao do mujhe uska no.

payal- ruk me phone laga kar deti hu aur payal apne moble se karan ka no. muskurati hui dial karke ravi ko de deti hai

karan- hello

ravi- ha me bol raha hu

karan- kaun me

ravi- achcha, payal ko to janta hoga tu,

karan- kaun payal

ravi- abe vahi jisse tune shadi ki bat ki thi, bhosdi ke teri himmat kaise hui meri bahan se aisa kahne ki

karan- dekhiye bhai sahab vo to me isliye kah gaya kyo ki vah meri hone wali mangetar ki saheli hai

ravi- me teri tange tod dunga ek bar tu mujhe mil to sahi

tabhi payal ravi ke hath se phone lekar hello karan me payal bol rahi hu aur jor-jor se muskurane lagti hai udhar karan

hairan rah jata hai aur idhar ravi hairan rah jata hai aur payal hello karan me tumse milne tumhare ghar aa rahi hu aur

phone cut kar deti hai

ravi- ko sara majra samajhte der nahi lagti hai aur vah apni didi ko dekh kar didi yah soniya ka mangetar aur mera dost

karan ek hi hai na

payal- muskura kar ha

ravi- muskuraate hue, me is sale karan ki bara baja dunga

payal- are ravi apna munh band rakh vah mujhse shadi karne ke liye mara ja raha hai ab tu use darane ki koshish mat

karna, dono log karan ke flat ki aur ud jate hai

udhar karan apne flat me baitha-baitha kaphi mushkil me najar aa raha tha, aur apne aap se baate karte hue uski gaanD

bhi phat rahi thi, pata nahi payal itna has kyo rahi thi aur uske bhai saheb kitne naraj lag rahe the par pata nahi kyo unki

aawaj mujhe kaphi jani pahchani si lag rahi thi, kahi mene payal ko is tarh bol kar koi badi galti to nahi kar di upar se

payal yaha aane ka bhi kah rahi thi, ab me kya karu, tabhi uske darwaje ki door bell bajti hai aur jab vah darta hua

darwaja kholta hai to samne ravi ko dekh kar use kuch rahat mehsus hoti hai aur vah

karan-oh ravi achcha hua tu aa gaya, me to bahut pareshan tha

ravi- uske gareban me hath daal kar teri himmat kaise hui meri didi se aisi bat karne ki

karan- kaun didi,

ravi- didi jara yaha aao aur payal room ke andar muskurati hui aa jati hai

karan- payal ko dekh kar chaukte hue, yah teri didi hai

ravi -apne chehre par jhutha gussa dikhate hue ha

karan- yaar mujhe maf karde mujhe pata nahi tha ki yah teri didi hai, didi aap bhi mujhe maf kar do me nahi janta tha ki

aap ravi ki didi hai,

karan ki bat sun kar ravi aur payal jor-jor se hasne lagte hai aur karan un dono ka chehra dekhne lagta hai

ravi- kuch seriouse hota hua, karan kya meri didi se shadi karega

karan- apna munh phade ravi ko dekhta hua, ab bas bhi kar yaar aur kitne maje lega mere, ab mujhe maf bhi kar de

ravi- abe me majak nahi kar raha hu, meri didi sach much tujhse shadi karna chahti hai, ab bol karega shadi meri didi se

karan- ravi mujhe meri galti ka ehsas hai yaar ab bas bhi kar

ravi- abe me majak nahi kar raha hu, me sach kah raha hu, bol tujhe meri didi pasand hai ki nahi

payal- karan tum ravi ke achche dost ho aur me tumse sach much shadi karne ke liye taiyar hu, kya tum reddy ho

karan- ravi kya tu sach kah raha hai

ravi- ha yaar bilkul seriouse no masti no majak

karan- apna sar jhukate hue thik hai aap logo ki jaisi marji

karan ki bat sun kar ravi aur payal dono ek dusre ko dekh kar muskura dete hai aur karan ko apne ma-bap ko apne ghar

bulane ki bat kah kar loat aate hai,

payal- apne bhaiya se apni pasand ke bare me batati hai aur phir rohit karan ke ma-bap se mil kar un dono ka rishta tay

kar deta hai, idhar payal ravi aur soniya ke bare me bhi apne bhaiya se bat kar leti hai aur rohit soniya ke ma-bap se mil

kar un dono ka bhi rishta pakka kar deta hai,

ravi aur payal ki shadi tay ho jati hai aur phir ravi aur payal us din kaphi khus hokar apni jeet ka jashn manate hue ek

dusre ki banho me sama jate hai aur rat bhar ek dusre ko dil se pyar karte hue ek dusre ko apni banho me bhar kar

aane wale kal ki sunahri khwahisho ko lekar ek dusre me sama jate hai, ek lambi chudai ke bad ravi payal ko nsiha ki

chudai ke bare me sab kuch bata deta hai aur payal uska gal muskura kar khichti hui

payal- ravi tune apne kaminepan se apni didi ko chod diya, phir soniya jaisi kunwari ladki ko bhi chod diya, apni bhabhi

ko bhi chod diya aur yaha tak ki apne dost ki bibi ko uski bibi banne se pahle hi chod chuka hai, ab aur kisko chodane ka

mood hai tera

ravi- kuch soch kar, apne dost karan ki mummy ko

payal- uski bat sun kar muskuraate hue, ravi tu vakai me bahut bada KAMINA(THE RASCAL) hai.

aur dono ek dusre ko muskura kar dekhte hue ek dusre ko apni banho me bhar lete hai.

THE END