गन्ने की मिठास compleet

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rajaarkey
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गन्ने की मिठास compleet

Unread post by rajaarkey » 13 Oct 2014 11:27

चेतावनी ...........दोस्तो ये कहानी समाज के नियमो के खिलाफ है क्योंकि हमारा समाज मा बेटे और भाई बहन और बाप बेटी के रिश्ते को सबसे पवित्र रिश्ता मानता है अतः जिन भाइयो को इन रिश्तो की कहानियाँ पढ़ने से अरुचि होती हो वह ये कहानी ना पढ़े क्योंकि ये कहानी एक पारवारिक सेक्स की कहानी है


raj sharma stories

गन्ने की मिठास--1

Author-RKS
रामू अपनी मस्ती मे चला जा रहा था तभी अपने खेत की खटिया पर बैठे हुए हरिया काका ने उसे आवाज़ दी

हरिया- अरे रामू बेटवा कहा चले जा रहे हो, आजकल तो तुमने मेरे पास आना ही बंद कर दिया,

रामू- अरे काका, ठहरो अभी आ रहा हू,

दोपहर के 2 बज रहे थे रामू अपने गन्नो के खेतो की ओर चला जा रहा था लेकिन उसके खेत से थोड़ी पहले ही हरिया काका का खेत आ जाता था जहाँ हरिया काका ने बहुत सारी हरी सब्जिया लगा रखी थी और दिन रात वह उन सब्जियो की रखवाली के लिए वही पड़ा रहता था, हरिया काका के खेत से थोड़ा आगे ही रामू का गन्नो का खेत था वही रामू ने अपने सोने के लिए एक झोपड़ी बना रखी थी उसी झोपड़ी के भीतर उसने बोरिंग करवा रखी थी,

हरिया उस गाँव का सबसे चुड़क्कड़ आदमी था और ना जाने कितनी औरतो को चोद चुका था आज वह 45 साल का था लेकिन आज भी उसका लंड चोदने के लिए खड़ा ही रहता था, लेकिन हरिया की एक बात यह भी थी कि वह गाँव मे किसी से ज़्यादा बातचीत नही करता था पर ना जाने क्यो हरिया को रामू से कुछ ज़्यादा ही लगाव था, रामू एक 24 साल का हॅटा कॅटा जवान लड़का था और उसकी जिंदगी अपने खेतो से लेकर अपने घर तक ही रहती थी,

इसका कारण यह था कि रामू के बाप को मरे 8 साल हो चुके थे और रामू के घर मे उसकी मा सुधिया और उसकी दो बहने रमिया और निर्मला थी, रमिया रामू से करीब 4 साल छोटी लगभग 20 बरस की जवान लोंड़िया हो चुकी थी लेकिन रमिया को देख कर यही कहेगे कि उसका शरीर तो पूरा भर चुका था लेकिन उसमे अकल बच्चो जैसी ही थी इसलिए उसके घर के खास कर रामू उसे बहुत प्यार करता था, निर्मला करीब 26 साल की एक मस्त औरत की तरह नज़र आने लगी थी लेकिन अभी तक शादी नही हो पाई थी, रामू की मा सुधिया 46 साल की बहुत ही सख़्त औरत थी उसके सामने गाँव का कोई भी ज़्यादा बोलने की हिम्मत नही करता था लेकिन सुधिया को देख कर अछो-अच्चो के लंड खड़े हो जाया करते थे,

जब रामू हरिया काका के पास जाकर बैठ जाता है तो हरिया काका अपनी खत के नीचे से चिलम निकाल कर पीते हुए कहा तो रामू आजकल का चल रहा है तुम तो कुछ दिनो से यहाँ फटकते भी नही हो, का दिन भर घरे मे घुसे रहते हो,

रामू- अरे नही काका घर मे रुकने की फ़ुर्सत कहाँ है, बस यह इतफ़ाक़ है कि मे इधर से जब भी गुज़रता हू तुम नज़र नही आते,

हरिया- चलो कोई बात नही बेटवा, और फिर चिलम का गहरा कस खीच कर रामू को देते हुए, ले बेटा तू भी आज तो लगा ले

रामू- अरे नही काका हम इसे पी लेते है तो फिर काम मे मन नही लगता है

हरिया- मुस्कुराते हुए, पर बेटा इसको पी कर एक काम मे बड़ा मन लगता है

रामू- वो कौन से काम मे

हरिया- मुस्कुराते हुए अरे वही चुदाइ के काम मे

रामू- काका अब अपनी उमर का भी लिहाज करो 45 साल के हो गये हो फिर भी मन नही भरा है

हरिया- अरे बेटवा इन चीज़ो से किसी का कभी मन भरा है भला, अब तुमका देखो इस उमर मे तुमका एक मस्त चूत मिल जाना चाहिए तो तुम्हारे चेहरे पर कुछ निखार आए पर तुम हो की बस काम के बोझ के तले दबे जा रहे हो,

रामू- तो काका चोदने के लिए एक औरत भी तो होना चाहिए अब तुम ही बताओ हम किसे चोदे

हरिया-मुस्कुराते हुए तुम्हारे आस पास बहुत माल है बेटा ज़रा अपनी नज़रो से पहले उन माल को देखो तो सही तुम्हारा मन अपने आप उन्हे चोदने का होने लगेगा,

रामू- अच्छा काका तुम्हारी नज़र मे ऐसी कौन सी औरत है जिसकी में चूत मार सकता हू

हरिया- मुस्कुराते हुए, देखा रामू हम तुमको बहुत मस्त उपाय बता सकते है पर पहले तुमको हमारे साथ दो -चार चिलम मारना पड़ेगी तभी तुमको हमारी बात सुनने मे मज़ा आएगा, अगर तुम्हारा मन हो तो शाम को आ जाना हम तुमको मस्त कर देंगे,

दोनो की बाते चल रही थी तभी हरिया की बेटी जो खेतो मे कुछ काम कर रही थी, हरिया ने उसे आवाज़ देकर कहा

हरिया- अरे चंदा बिटिया ज़रा गिलास मे पानी तो भर कर ले आ बड़ी देर से गला सूख रहा है, चंदा जो कि हरिया की 16 साल की लड़की थी वही एक छोटा सा घाघरा और सफेद शर्ट पहने उठ कर आई और पानी भर कर जैसे ही उसने कहा लो बाबा पानी

हरिया ने जैसे ही उसके हाथ से गिलास लिया चंदा एक दम से चीखते हुए अपनी चूत को घाघरे के उपर से पकड़ कर चिल्लाने लगी, हरिया और रामू एक दम से खड़े हो गये

हरिया- अरी क्या हुआ क्यो चिल्ला रही है

चंदा-आह बाबा लगता है कुछ काट रहा है तभी हरिया ने उसका घाघरा उपर करके नीचे बैठ कर देखने लगा उसके साथ ही रामू भी बैठ कर देखने लगा, चंदा की बिना बालो वाली गोरी गट चिकनी चूत देख कर तो रामू के मुँह मे पानी आ गया वह हरिया अपनी बेटी की चूत को अपने मोटे-मोटे हाथो से खूब उसकी फांके फैला-फैला कर देखने लगा हरिया जैसे ही उसकी फांके फैलता रामू का मोटा लंड तन कर झटके मारने लगता, हरिया उसकी चूत के पास से एक चींटे को पकड़ लेता है जो मसल्ने की वजह से मर चुका था उसके बाद अपनी बेटी को दिखाते हुए देख यह काट रहा था तुझे,

अब जा आराम से काम कर में बाद मे दवा लगा दूँगा,

चंदा को जाते हुए हरिया और रामू देख रहे थे जो कि अपनी मोटी कसी हुई गान्ड मटका कर जा रही थी तभी रामू ने हरिया की ओर देखा जो अपनी धोती के उपर से अपने मोटे लंड को मसलता हुआ काफ़ी देर तक अपनी बेटी को जाते हुए देखता रहा,

फिर उसकी नज़र जब रामू पर पड़ी तो उसने मुस्कुराते हुए अपने लंड से हाथ हटाकर कहने लगा मादर्चोद ने लंड खड़ा कर दिया,

देख ले रामू जब यह चिलम कस कर पी लो ना तब आसपास बस चूत ही चूत नज़र आने लगती है

रामू- पर काका तुम्हारा लंड तो अपनी बिटिया को देख कर ही खड़ा हो गया

हरिया- अरे रामू तूने उसकी चूत नही देखी कितनी चिकनी है और उसका गुलाबी छेद, मेरे मुँह मे तो पानी आ गया और तू कहता है आपका लंड खड़ा हो गया, अरे चूत मे का किसी का नाम लिखा होता है कि यह बेटी की है कि यह मा की, हम तो जब ऐसी गुलाबी और चिकनी चूत देख लेते है तो फिर बिना चोदे नही रह पाते है, अब देखो हमारे इस मूसल को जब तक यह कोई चूत पा ना जाएगा तब तक चैन से बैठेगा नही,

आज शाम को तुम आओ फिर मे तुम्हे ऐसी चिलम पिलाउन्गा कि तुम जिसको भी देखोगे उसे चोदने का मन करेगा समझे,

रामू का मोटा लंड पूरी तरह तन चुका था चंदा की चूत का वह गुलाबी छेद उसे पागल कर गया था और वह भी अब चूत चोदने के लिए पागल हो उठा था, वह यह कह कर चल दिया की वह शाम को उनके पास आएगा और फिर वह वहाँ से चल देता है, आस पास गन्ने के खेत होने की वजह से हरिया की खत जहाँ लगी थी वहाँ से सिर्फ़ उसकी झोपड़ी ही नज़र आती थी बाकी सारे खेत खड़े होने पर ही नज़र आते थे,

रामू चलते-चलते सोचने लगा, कही ऐसा तो नही कि हरिया काका उसके आने के बाद उसकी बेटी के साथ कुछ कर रहा हो और यह सोचते ही रामू का लंड फिर से खड़ा होने लगा था वह चुपचाप दबे पाँव गन्ने के पीछे से छुपता हुआ वहाँ तक आ गया जहाँ से उसे हरिया की खाट नज़र आने लगी थी, और उसने जब वहाँ देखा तो वह देखता ही रह गया,

हरिया काका खाट पर पेर फैलाए लेटा हुआ था और अपने हाथो मे अपना मोटा लंड लेकर उसे मसल रहा था और उसकी नज़रे खेत मे काम कर रही अपनी बेटी चंदा की ओर थी

चंदा बार-बार झुक-झुक कर घास उठा-उठा कर इकट्ठा कर रही थी और हरिया काकी अपनी 16 साल की चिकनी लोंड़िया की उठती जवानी देख-देख कर अपना काला मोटा लंड अपने हाथ से खूब मसल रहा था, उसके बाद हरिया काका ने अपनी चिलम मुँह मे लगाकर जब एक तगड़ा कस मारा तो हरिया काका की आँखे एक दम लाल हो चुकी थी और फिर हरिया काका बैठ कर अपने दोनो परो को फैलाकर अपने मोटे लंड को खूब हिलाते हुए अपनी बेटी चंदा की मोटी गुदाज गान्ड को देखने लगा,

रामू गन्नो के बीच छुपा हुआ हरिया काका को लंड मसल्ते हुए देख रहा था, वैसे चंदा की मटकती गान्ड और कसी जवानी ने उसका भी लंड खड़ा कर दिया था, तभी हरिया काका ने चंदा को आवाज़ दी, अरे बिटिया यहाँ आओ,

चन्दा दौड़ कर अपने बाबा के पास आ कर क्या है बाबा

हरिया- ज़रा दिखा तो बेटी चिंता जहाँ काटा था,

चंदा- पर बाबा चीटा तो निकल गया ना

हरिया-अपने लंड को मसल्ते हुए, अरे बिटिया हमे दिखा तो कहीं सूजन तो नही आ गया,

चंदा-अच्छा बाबा दिखाती हू और चंदा ने अपने बाबा के सामने अपना घाघरा जैसे ही उँचा किया, हरिया ने अपनी बेटी की नंगी गान्ड पर पीछे से हाथ भर कर उसकी मोटी गान्ड को दबोचते हुए जब अपनी बेटी की कुँवारी चूत पर हाथ फेरा तो जहाँ हरिया का लंड झटके मारने लगा वही रामू का मोटा और काला लंड भी उसकी धोती से बाहर आ गया था रामू गन्ने के बीच चुपचाप बैठा था और उसकी धोती के साइड से उसका मोटा और काला लंड जो कि 9 इंच लंबा था बाहर निकल आया था और रामू अपने लंड को सहला कर उन दोनो को देख रहा था,

हरिया-अपनी बेटी की चूत को अपनी मोटी-मोटी उंगलियो से सहलाते हुए, अरे बिटिया इसमे तो बहुत सूजन आ गई है,

चंदा- अपना सर झुका कर अपनी चूत को देखने की कोशिश करती हुई, हा बाबा मुझे भी सूजन लग रही है,

हरिया-अच्छा मे खाट पर लेट जाता हू तू मेरी छाती पर अपने चूतड़ रख कर मुझे ज़रा पास से अपनी चूत दिखा, देखु तो सही सूजन ही है या दर्द भी है,

चंदा- बाबा दर्द तो नही लग रहा है बस थोड़ी खुजली हो रही है,

हरिया- बेटी खुजली के बाद दर्द भी होगा इसलिए पहले ही देखना पड़ेगा कि कही चीटे का जहर तो नही चला गया इसके अंदर,

चंदा अपने बाबा की छाती के दोनो ओर पेर कर लेती है और हरिया अपने घुटनो को मोड़ कर अपनी बेटी के सर को तकिये जैसे सहारा देकर उसकी दोनो मोटी जाँघो को खूब फैला कर उसकी चूत को बिल्कुल करीब से अपने मुँह के पास लाकर देखने लगता है, रामू चंदा की गुलाबी रसीली चूत देख कर पागल हो जाता है, हरिया अपनी बिटिया की गुलाबी चूत की फांको को अपनी मोटी-मोटी उंगलियो से अलग करके उसकी चूत के छेद मे अपनी एक मोटी उंगली पेल देता है और चंदा आह बाबा बहुत दर्द हो रहा है,

हरिया- मे ना कहता था दर्द होगा पर तू सुन कहाँ रही थी अब इसका जाहंर जो अंदर घुस गया है उसको बिना चूसे नही निकाला जा सकता है, तू अपनी चूत को थोड़ा और फैला कर मेरे मुँह मे रख मुझे इसका सारा जाहंर अभी चूस-चूस के निकालना पड़ेगा,

चंदा- अपने बाबा की बात सुन कर अपनी गुलाबी चूत को उठा कर अपने बाबा के मुँह के पास लाती है और हरिया अपनी बेटी की गुलाबी कुँवारी चूत को सूंघ कर मस्त हो जाता है उसका लंड पूरी तरह तना रहता है अपनी बेटी की कच्ची गुलाबी चूत देख कर उसकी आँखे लाल सुर्ख हो जाती है और वह अपनी लपलपाति जीभ अपनी बेटी की चूत मे रख कर उसकी गुलाबी चूत को पागलो की तरह चूसने लगता है और चंदा अपने बाबा के सीने पर अपनी गान्ड इधर उधर मतकते हुए आह बाबा आह बाबा बहुत गुदगुदी हो रही है,

हरिया-बेटी तू बिलिकुल चुपचाप ऐसे ही बैठी रहना मे 10 मिनिट मे सारा जाहंर चूस-चूस कर निकाल दूँगा, फिर हरिया अपनी बेटी की रसीली बुर को खूब ज़ोर-ज़ोर से फैला-फैला कर चूसने लगता है, चंदा की कुँवारी बुर अपने बाबा के मुँह मे पानी छ्चोड़ने लगती है, हरिया खूब ज़ोर-ज़ोर से अपनी बेटी की चूत चूस-चूस कर लाल करने लगता है, कुछ देर बाद

चंदा-हे बाबा मे मर जाउन्गि आह आह ओह बाबा बहुत अच्छा लग रहा है बाबा आह आह बाबा छ्चोड़ दो बाबा मुझे पेशाब लगी है, ओह आ आ

चंदा-बाबा का मुँह पकड़ कर हटाती हुई बाबा छ्चोड़ दो मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी है,

हरिया- बेटी यह तुझे पेशाब नही लगी है उस जाहंर के निकलने के कारण तुझे ऐसा लग रहा है जैसे तेरा मूत निकलने वाला है अब अगर ऐसा लगे कि तुझे खूब ज़ोर से पेशाब लगी है तो तू ज़ोर लगा कर यही मेरे मुँह पर कर देना,

चंदा- हाफ्ते हुए पर बाबा आपके मुँह पर मे कैसे मुतुँगी

हरिया- पगली मे कह तो रहा हू तुझे मूत नही आएगा बस तेरे जाहंर निकलने के कारण ऐसा लगेगा कि तुझे पेशाब आ रही है तब अपनी आँखे बंद करके मेरे मुँह मे ही कर देना बाकी सब मे सम्हाल लूँगा,

चंदा- मस्ती से भरपूर लाल चेहरा किए हुए थोड़ा मुस्कुरा कर बाबा अच्छा तो बहुत लग रहा है पर मे तुम्हारे मुँह मे पेशाब कर दूँगी तो बाद मे मुझे डांटना मत.

हरिया- अरे मेरी प्यारी बिटिया मे भला तुझे क्यो डाटूंगा चल अब अपनी चूत अपने दोनो हाथो से फैला कर मेरे मुँह मे रख दे मे बचा हुआ जाहंर भी चूस लू, उसका इतना कहना था कि चंदा ने अपने दोनो हाथो से अपनी छूट की फांको को खूब फैलाकर अपनी रस से भीगी गुलाबी चूत को अपने बाबा के मुँह पर रख दिया और हरिया पागलो की तरह अपनी बेटी की गुलाबी चूत को खूब दबोच-दबोच कर चूसने लगा,

हरिया अपनी बेटी की चूत चूसे जा रहा था और चंदा ओह ओह आह बाबा मे मर जाउन्गा आह आह करने लगती है हरिया जब अपनी जीभ को उसकी गुदा से चाटता हुआ उसकी चूत के उठे हुए दाने तक लाता है तो चंदा बुरी तरह अपनी पूरी चूत खोल कर अपने बाबा के मुँह मे रगड़ने लगती है, हरिया लपलप अपनी बेटी की रसीली बर को खूब ज़ोर-ज़ोर से पीने लगता है और चंदा आह आह करती हुई ओह बाबा ओह बाबा मे गई मे आपके मुँह मे मूत दूँगी बाबा आह आह और फिर चंदा एक दम से अपने पापा के मुँह मे अपनी चूत का सारा वजन रख कर बैठ जाती है और गहरी-गहरी साँसे लेने लगती है,

क्रमशः.............


GANNE KI MITHAS--1

ramu apni masti me chala ja raha tha tabhi apne khet ki khatiya par baithe huye hariya kaka ne use aawaj di

hariya- are ramu betwa kaha chale ja rahe ho, aajkal to tumne mere pas aana hi band kar diya,

ramu- are kaka, thahro abhi aa raha hu,

dophar ke 2 baj rahe the ramu apne ganno ke kheto ki aur chala ja raha tha lekin uske khet se thodi pahle hi hariya kaka ka khet aa jata tha jahan hariya kaka ne bahut sari hari sabjiya laga rakhi thi aur din rat vah un sabjiyo ki rakhwali ke liye vahi pada rahta tha, hariya kaka ke khet se thoda aage hi ramu ka ganno ka khet tha vahi ramu ne apne sone ke liye ek jhopadi bana rakhi thi usi jhopadi ke bhitar usne boring karwa rakhi thi,

hariya us ganv ka sabse chudakkad aadmi tha aur na jane kitni aurto ko chod chuka tha aaj vah 45 sal ka tha lekin aaj bhi uska lund chodane ke liye khada hi rahta tha, lekin hariya ki ek bat yah bhi thi ki vah ganv me kisi se jyada batcheet nahi karta tha par na jane kyo hariya ko ramu se kuch jyada hi lagav tha, ramu ek 24 sal ka hatta katta jawan londa tha aur uski jindagi apne kheto se lekar apne ghar tak hi rahti thi,

iska karan yah tha ki ramu ke bap ko mare 8 sal ho chuke the aur ramu ke ghar me uski ma sudhiya aur uski do bahne ramiya aur nirmala thi, ramiya ramu se karib 4 sal choti lagbhag 20 baras ki jawan londiya ho chuki thi lekin ramiya ko dekh kar yahi kahege ki uska sharir to pura bhar chuka tha lekin usme akal bachcho jaisi hi thi isliye uske ghar ke khas kar ramu use bahut pyar karta tha, nirmala karib 26 sal ki ek mast aurat ki tarah najar aane lagi thi lekin abhi tak shadi nahi ho pai thi, ramu ki ma sudhiya 46 sal ki bahut hi sakht aurat thi uske samne ganv ka koi bhi jyada bolne ki himmat nahi karta tha lekin sudhiya ko dekh kar achcho-achcho ke lund khade ho jaya karte the,

jab ramu hariya kaka ke pas jakar baith jata hai to hariya kaka apni khat ke niche se chilam nikal kar pite huye ha to ramu aajkal ka chal raha hai tum to kuch dino se yahan fatakte bhi nahi ho, ka din bhar gharay me ghuse rahte ho,

ramu- are nahi kaka ghar me rukne ki fursat kahan hai, bas yah itfaq hai ki me idhar se jab bhi gujarta hu tum najar nahi aate,

hariya- chalo koi bat nahi betwa, aur phir chilam ka gahra kas khich kar ramu ko dete huye, le beta tu bhi aaj to laga le

ramu- are nahi kaka hum ise pi lete hai to phir kam me man nahi lagta hai

hariya- muskurate huye, par beta isko pi kar ek kam me bada man lagta hai

ramu- vo kaun se kam me

hariya- muskurate huye are vahi chudaai ke kam me

ramu- kaka ab apni umar ka bhi lihaj karo 45 sal ke ho gaye ho phir bhi man nahi bhara hai

hariya- are betwa in cheejo se kisi ka kabhi man bhara hai bhala, ab tumka dekho is umar me tumka ek mast chut mil jana chahiye to tumhare chehre par kuch nikhar aaye par tum ho ki bas kam ke bojh ke tale dabe ja rahe ho,

ramu- to kaka chodane ke liye ek aurat bhi to hona chahiye ab tum hi bataao hum kise chode

hariya-muskurate huye tumhare aas pas bahut mal hai beta jara apni najro se pahle un mal ko dekho to sahi tumhara man apne aap unhe chodane ka hone lagega,

ramu- achcha kaka tumhari najar me aisi kaun si aurat hai jiski men chut mar sakta hu

hariya- muskurate huye, dekha ramu hum tumko bahut mast upaay bata sakte hai par pahle tumko hamare sath do -char chilam marna padegi tabhi tumko hamari bat sunne me maza aayega, agar tumhara man ho to sham ko aa jana hum tumko mast kar denge,

dono ki bate chal rahi thi tabhi hariya ki beti jo kheto me kuch kam kar rahi thi, hariya ne use aawaj dekar kaha

hariya- are chanda bitiya jara gilash me pani to bhar kar le aa badi der se gala sukh raha hai, chanda jo ki hariya ki 16 sal ki ladki thi vahi ek chota sa ghaghra aur safed shirt pahne uth kar aai aur pani bhar kar jaise hi usne kaha lo baba pani

hariya ne jaise hi uske hath se gilash liya chanda ek dam se chikhte huye apni chut ko ghaghre ke upar se pakad kar chillane lagi, hariya aur ramu ek dam se khade ho gaye

hariya- ari kya hua kyo chilla rahi hai

chanda-aah baba lagta hai kuch kat raha hai tabhi hariya ne uska ghaghra upar karke niche baith kar dekhne laga uske sath hi ramu bhi baith kar dekhne laga, chanda ki bina balo wali gori gat chikni chut dekh kar to ramu ke munh me pani aa gaya vah hariya apni beti ki chut ko apne mote-mote hatho se khub uski phanke phaila-phaila kar dekhne laga hariya jaise hi uski phanke phailata ramu ka mota lund tan kar jhatke marne lagta, hariya uski chut ke pas se ek chinte ko pakad leta hai jo masalne ki wajah se mar chuka tha uske bad apni beti ko dikhate huye dekh yah kat raha tha tujhe,

ab ja aaram se kam kar men bad me dava laga dunga,

chanda ko jate huye hariya aur ramu dekh rahe the jo ki apni moti kasi hui gaanD matka kar ja rahi thi tabhi ramu ne hariya ki aur dekha jo apni dhoti ke upar se apne mote lund ko masalta hua kaphi der tak apni beti ko jate huye dekhta raha,

phir uski najar jab ramu par padi to usne muskurate huye apne lund se hath hatakar kahne laga maadarchod ne lund khada kar diya,

dekh le ramu jab yah chilam kas kar pi lo na tab aaspaas bas chut hi chut najar aane lagti hai

ramu- par kaka tumhara lund to apni bitiya ko dekh kar hi khada ho gaya

hariya- are ramu tune uski chut nahi dekhi kitni chikni hai aur uska gulabi ched, mere munh me to pani aa gaya aur tu kahta hai aapka lund khada ho gaya, are chut me ka kisi ka nam likha hota hai ki yah beti ki hai ki yah ma ki, hum to jab aisi gulabi aur chikni chut dekh lete hai to phir bina chode nahi rah pate hai, ab dekho hamare is musal ko jab tak yah koi chut pa na jayega tab tak chain se baithega nahi,

aaj sham ko tum aao phir me tumhe aisi chilam pilaunga ki tum jisko bhi dekhoge use chodane ka man karega samjhe,

ramu ka mota lund puri tarah tan chuka tha chanda ki chut ka vah gulabi ched use pagal kar gaya tha aur vah bhi ab chut chodane ke liye pagal ho utha tha, vah yah kah kar chal diya ki vah sham ko unke pas aayega aur phir vah vahan se chal deta hai, aas pas ganne ke khet hone ki vajah se hariya ki khat jahan lagi thi vahan se sirf uski jhopdi hi najar aati thi baki sare khet khade hone par hi najar aate the,

ramu chalte-chalte sochne laga, kahi aisa to nahi ki hariya kaka uske aane ke bad uski beti ke sath kuch kar raha ho aur yah sochte hi ramu ka lund phir se khada hone laga tha vah chupchaap dabe panv ganne ke piche se chupta hua vahan tak aa gaya jahan se use hariya ki khat najar aane lagi thi, aur usne jab vahan dekha to vah dekhta hi rah gaya,

hariya kaka khat par per phailaye leta hua tha aur apne hatho me apna mota lund lekar use masal raha tha aur uski najre khet me kam kar rahi apni beti chanda ki aur thi

chanda bar-bar jhuk-jhuk kar ghas utha-utha kar ikattha kar rahi thi aur hariya kaki apni 16 sal ki chikni londiya ki uthti jawani dekh-dekh kar apna kala mota lund apne hath se khub masal raha tha, uske bad hariya kaka ne apni chilam munh me lagakar jab ek tagda kas mara to hariya kaka ki aankhe ek dam lal ho chuki thi aur phir hariya kaka baith kar apne dono pero ko phailakar apne mote lund ko khub hilate huye apni beti chanda ki moti gudaj gaanD ko dekhne laga,

ramu ganno ke beech chupa hua hariya kaka ko lund masalte huye dekh raha tha, vaise chanda ki matakti gaanD aur kasi jawani ne uska bhi lund khada kar diya tha, tabhi hariya kaka ne chanda ko aawaj di, are bitiya yahan aao,

chnada daud kar apne baba ke pas aa kar kya hai baba

hariya- jara dikha to beti chinta jahan kata tha,

chanda- par baba chita to nikal gaya na

hariya-apne lund ko masalte huye, are bitiya hame dikha to kahin soojan to nahi aa gaya,

chanda-achcha baba dikhati hu aur chanda ne apne baba ke samne apna ghaghra jaise hi uncha kiya, hariya ne apni beti ki nangi gaanD par piche se hath bhar kar uski moti gaanD ko dabochte huye jab apni beti ki kunwari chut par hath phera to jahan hariya ka lund jhatke marne laga vahi ramu ka mota aur kala lund bhi uski dhoti se bahar aa gaya tha ramu ganne ke beech chupchaap baitha tha aur uski dhoti ke side se uska mota aur kala lund jo ki 9 inch lamba tha bahar nikal aaya tha aur ramu apne lund ko sahla kar un dono ko dekh raha tha,

hariya-apni beti ki chut ko apni moti-moti ungliyo se sahlate huye, are bitiya isme to bahut soojan aa gai hai,

chanda- apna sar jhuka kar apni chut ko dekhne ki koshish karti hui, ha baba mujhe bhi soojan lag rahi hai,

hariya-achcha me khat par let jata hu tu meri chhaatee par apne chutd rakh kar mujhe jara pas se apni chut dikha, dekhu to sahi soojan hi hai ya dard bhi hai,

chanda- baba dard to nahi lag raha hai bas thodi khujli ho rahi hai,

hariya- beti khujli ke bad dard bhi hoga isliye pahle hi dekhna padega ki kahi cheete ka jahar to nahi chala gaya iske andar,

chanda apne baba ki chhaatee ke dono aur per kar leti hai aur hariya apne ghtno ko mod kar apni beti ke sar ko takiye jaise sahara dekar uski dono moti jangho ko khub phaila kar uski chut ko bilkul karib se apne munh ke pas lakar dekhne lagta hai, ramu chanda ki gulabi rasili chut dekh kar pagal ho jata hai, hariya apni bitiya ki gulabi chut ki phanko ko apni moti-moti unglliyo se alag karke uski chut ke ched me apni ek moti ungli pel deta hai aur chanda aah baba bahut dard ho raha hai,

hariya- me na kahta tha dard hoga par tu sun kaha rahi thi ab iska jahanr jo andar ghus gaya hai usko bina chuse nahi nikala ja sakta hai, tu apni chut ko thoda aur phaila kar mere munh me rakh mujhe iska sara jahanr abhi chus-chus ke nikalna padega,

chanda- apne baba ki bat sun kar apni gulabi chut ko utha kar apne baba ke munh ke pas lati hai aur hariya apni beti ki gulabi kunwari chut ko sungh kar mast ho jata hai uska lund puri tarah tana rahta hai apni beti ki kachchi gulabi chut dekh kar uski aankhe lal surkh ho jati hai aur vah apni laplapati jeebh apni beti ki chut me rakh kar uski gulabi chut ko paglo ki tarah chusne lagta hai aur chanda apne baba ke sine par apni gaanD idhar udhar matkate huye aah baba aah baba bahut gudgudi ho rahi hai,

hariya-beti tu bilikul chupchaap aise hi baithi rahna me 10 minute me sara jahanr chus-chus kar nikal dunga, phir hariya apni beti ki rasili bur ko khub jor-jor se phaila-phaila kar chusne lagta hai, chnada ki kunwari bur apne baba ke munh me pani chhodne lagti hai, hariya khub jor-jor se apni beti ki chut chus-chus kar lal karne lagta hai, kuch der bad

chanda-hay baba me mar jaungi aah aah oh baba bahut achcha lag raha hai baba aah aah baba chhod do baba mujhe peshab lagi hai, oh aah ahh

chanda-baba ka munh pakad kar hatati hui baba chhod do mujhe bahut jor se peshab lagi hai,

hariya- beti yah tujhe peshab nahi lagi hai us jahanr ke nikalne ke karan tujhe aisa lag raha hai jaise tera mut nikalne wala hai ab agar aisa lage ki tujhe khub jor se peshab lagi hai to tu jor laga kar yahi mere munh par kar dena,

chanda- hafte huye par baba aapke munh par me kaise mutungi

hariya- pagli me kah to raha hu tujhe mut nahi aayega bas tere jahanr nikalne ke karan aisa lagega ki tujhe peshab aa rahi hai tab apni aankhe band karke mere munh me hi kar dena baki sab me samhal lunga,

chanda- masti se bharpur lal chehra kiye huye thoda muskurakar baba achcha to bahut lag raha hai par me tumhare munh me peshab kar dungi to bad me mujhe dantna mat.

hariya- are meri pyari bitiya me bhala tujhe kyo dantunga chal ab apni chut apne dono hatho se phaila kar mere munh me rakh de me bacha hua jahanr bhi chus lu, uska itna kahna tha ki chanda ne apne dono hatho se apni chut ki phanko ko khub phailakar apni ras se bhigi gulabi chut ko apne baba ke munh par rakh diya aur hariya paglo ki tarah apni beti ki gulabi chut ko khub daboch-daboch kar chusne laga,

hariya apni beti ki chut chuse ja raha tha aur chanda oh oh aah baba me mar jaungi aah aah karne lagti hai hariya jab apni jeebh ko uski guda se chatta hua uski chut ke uthe huye dane tak lata hai to chanda buri tarah apni puri chut khol kar apne baba ke munh me ragadne lagti hai, hariya lapalap apni beti ki rasili bur ko khub jor-jor se pine lagta hai aur chanda aah aah karti hui oh baba oh baba me gai me aapke munh me mut dungi baba aah aah aur phir chanda ek dam se apne papa ke munh me apni chut ka sara wajan rakh kar baith jati hai aur gahri-gahri sanse lene lagti hai,

kramashah.............

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,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी 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rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 13 Oct 2014 11:27

गन्ने की मिठास--2

गतान्क से आगे......................

कुछ देर तक हरिया और उसकी बेटी साँसे लेती रहती है और उधर रामू अपने लंड को मुठिया-मुठिया कर लाल कर लेता है, कुछ देर बाद चंदा अपने बाबा से मुस्कुरा कर बाबा जाहंर निकल गया कि और भी चतोगे मेरी चूत को

हरिया- देख बेटी जाहंर तो निकल गया है पर तेरे अंदर जो दर्द है उसे मिटाना पड़ेगा नही तो यह बाद मे बहुत तकलीफ़ देगा,

चंदा-अपने हाथ से अपनी चूत को मसल्ति हुई, पर बाबा अब तो दर्द नही हो रहा है,

हरिया-बेटी दर्द ऐसे मालूम नही पड़ेगा देख मे बताता हू कि तेरे अंदर दर्द भरा है या नही और फिर हरिया अपनी बेटी की चूत को खोल कर उसके अंदर अपनी बीच की सबसे मोटी उंगली डाल कर जैसे ही ककच से दबाता है चंदा के पूरे बदन मे एक दर्द की लहर दौड़ जाती है और वह अपनी चूत को कसते हुए आह बाबा बड़ा दर्द है अंदर तो,

हरिया-अपनी उंगली निकाल कर चाटता हुआ, तभी ना कह रहा हू बेटी इसके अंदर का दर्द अच्छे से साफ करना पड़ेगा और उसके लिए इसके अंदर कुछ डालना पड़ेगा,

चंदा- अपने बाबा को देखती हुई क्या डालोगे बाबा

हरिया-बेटी इसमे कुछ डंडे जैसा डालना पड़ेगा तभी इसका दर्द ख़तम होता है,

चंदा- बाबा गन्ने जैसा डंडा डालना पड़ेगा क्या

हरिया-मुस्कुराता हुआ, बेटी गन्ने जैसा ही लेकिन चिकना होना चाहिए नही तो तुझे खरॉच आ जाएगी

चंदा- तो फिर क्या डालोगे बाबा

हरिया- जा पहले झोपड़ी मे से तेल की कटोरी उठा कर ला फिर बताता हू क्या डालना पड़ेगा,

चंदा तेल लेने के लिए झोपड़ी मे जाती है और हरिया अपनी चिलम जला कर एक तगड़ा कस खीचता है और उसकी आँखे पूरी लाल हो जाती है, चंदा अंदर से तेल की कटोरी उठा लाती है और हरिया अपने दोनो पेर खाट से नीचे लटका कर बैठ जाता है,

हरिया अपनी बेटी को अपनी जाँघ पर बैठा कर बेटी मेरे पास जो डंडा है उसे डालने पर बहुत जल्दी तेरा दर्द ख़तम हो जाएगा,

चंदा- तो बाबा दिखाओ ना आपका डंडा कहाँ है

हरिया ने अपनी बेटी की तरफ अपनी लाल आँखो से देखा और फिर अपनी धोती हटाकर अपना मोटा काला लंड जैसे ही अपनी बेटी को दिखाया, अपने बाबा का विकराल लंड देख कर चंदा के चेहरे का रंग उड़ गया, तभी हरिया ने चंदा की चूत को सहलाना शुरू कर दिया और चंदा के हाथो मे अपना लंड थमा दिया,

हरिया- बेटी ऐसे क्या देख रही है पहले कभी किसी का डंडा नही देखा क्या

चंदा- अपना थूक गटकते हुए, बाबा देखा तो है पर यह तो बहुत मोटा और लंबा है,

हरिया- बेटी इस डंडे को जितना ज़ोर से हो सके दबा तभी यह तेरी चूत के अंदर घुस कर तेरा सारा दर्द ख़तम कर देगा,

चंदा-अपने बाबा का लंड सहलाने लगती है और हरिया अपनी बेटी की कुँवारी गुलाबी चूत को सहलाने लगता है चंदा की चूत मे खूब चुदास पैदा हो जाती है और वह अब अपने मनमाने तरीके से अपने बाबा का लंड कभी मसल्ने लगती कभी उसकी चॅम्डी को उपर नीचे करके उसके टोपे को अंदर बाहर करती और कभी अपने बाबा के बड़े-बड़े गोटू को खूब अपने हथेलियो मे भर कर सहलाने लगती, इधर चंदा को इतना मज़ा आ रहा था कि उसे पता भी नही चला कब उसके बाबा ने अपनी उंगली थुन्क मे भिगो-भिगो कर उसकी चूत मे गहराई तक भरना शुरू कर दिया था,

हरिया- बेटी कभी गन्ना चूसा है कि नही

चंदा- हाँ बाबा खूब चूसा है

हरिया-बेटी अपने बाबा का डंडा चूस कर देख गन्ना चूसने से भी ज़्यादा मज़ा आता है

चंदा- हस्ते हुए क्या इसको भी चूसा जाता है

हरिया- एक बार चूस कर देख फिर बता कैसा लगता है

चंदा अपने बाबा की बात सुन कर उसके मोटे लंड को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगती है उसके मुँह मे अपने बाबा का मोटा लंड मुश्किल से समा रहा था वह पहले धीरे-धीरे अपने बाबा का लंड चुस्ती है और फिर जब उसे बहुत अच्छा लगने लगता है तब वह हा बाबा आपका डंडा तो बहुत अच्छा लग रहा है और फिर चंदा उसे खूब कस-कस कर चूसने लगती है.

जब चंदा चूस-चूस कर थक जाती है तब हरिया उसे तेल की कटोरी दे कर ले बेटी इसमे से तेल लेकर मेरे लंड पर अच्छे से लगा दे अब यह तेरी चूत के अंदर जाकर उसका सारा दर्द दूर करेगा,

चंदा- अपनी मस्ती मे आ चुकी थी और अपने बाबा के मोटे लंड पर खूब रगड़-रगड़ कर तेल लगाने लगती है, जब हरिया का लंड तेल से पूरा गीला हो जाता है तब हरिया अपनी बेटी को खाट पर लेटा कर उसकी दोनो जाँघो को उठा लेता है और अपने लंड को अपनी बेटी की गुलाबी चूत मे लगा कर अपने लंड के टोपे को उसकी चूत के गुलाबी रस से भीगे हुए छेद मे फिट करके

हरिया- देख बेटी अब यह जब अंदर घुसेगा तो थोड़ा ज़्यादा दर्द होगा और फिर तुझे एक दम से धीरे-धीरे आराम होने लगेगा, इसलिए ज़्यादा आवाज़ मत करना,

चंदा- आप फिकर ना करो बाबा मे सब सह लूँगी, चंदा के मुँह से यह बात सुनते ही हरिया ने एक तबीयत से ऐसा झटका मारा कि अपनी बेटी की कुँवारी चूत को फाड़ता हुआ सीधा उसका मोटा लंड आधे से ज़्यादा उसकी चूत मे फस गया और चंदा के मुँह से हेय मर गई रे बाबा की ज़ोर से आवाज़ निकल पड़ी हरिया ने जल्दी से उसका मुँह दबा कर एक दूसरा झटका इतनी ज़ोर से मारा कि उसका पूरा लंड जड़ तक उसकी बेटी की चूत को फाड़ कर पूरा अंदर समा गया और चंदा आह करके चीखती है और उसकी आँखो से आँसू आ जाते है उसकी चूत से खून की धार लग जाती है और वह अपनी टाँगे इधर उधर फेकने लगती है, तभी हरिया उसकी गान्ड के नीचे एक हाथ डाल कर उसे उठा कर अपने सीने से चिपका लेता है और धीरे-धीरे अपनी कमर को हिलाते हुए चंदा के दूध को दबा-दबा कर उसकी चूत मे झटके मारने लगता है,

चंदा आह छ्चोड़ दे बाबा बहुत दुख रहा है आह आह ओ बाबा,

हरिया- बेटी अपने बाबा से खूब कस कर चिपक जा अब बिल्कुल दर्द नही होगा अब देखना तुझे कितना मज़ा आएगा, चंदा अपने बाबा से पूरी तरह चिपक जाती है और हरिया अब कुछ तेज-तेज अपनी बेटी की चूत मे अपने लंड से धक्के मारने लगता है, हरिया का लंड अब चंदा की चूत मे कुछ चिकनाहट के साथ जाने लगता है पर उसके लंड को उसकी बेटी की चूत ने बहुत बुरी तरह जाकड़ रखा था इसलिए हरिया को अपनी बिटिया रानी को चोदने मे बड़ा मज़ा आ रहा था उसने चंदा की दोनो मोटी जाँघो को थाम कर अब सतसट अपने लंड से पेलाई शुरू कर दी और चंदा आह आह ओ बाबा आह अब ठीक है आह आह ओ बाबा बहुत अच्छा लग रहा है और तेज मारो बाबा तुम बहुत अच्छा मार रहे हो थोड़ा तेज मारो बाबा

हरिया अपनी बेटी की बात सुन कर उसे खूब हुमच-हुमच कर चोदने लगता है, अब हरिया खड़ा होकर अपनी बेटी को अपने लंड के उपर टाँगे हुए उसे अपने खड़े लंड पर उपर नीचे करते हुए उसकी चूत मारने लग जाता है, चंदा पूरे आनंद मे अपने बाबा से बंदरिया की तरह चिपकी हुई अपनी चूत मे अपनी औकात से बड़ा और मोटा लंड फसाए हुए मस्त झूला झूल रही थी, करीब आधा घंटे तक हरिया अपनी बेटी को अपने लंड पर बैठाए रहता है,

हरिया अपनी बेटी के छ्होटे-छ्होटे दूध को भी पकड़ कर मसलता है तब चंदा उससे खूब कस कर चिपक जाती है और उसका पानी निकल जाता है, हरिया अपने लंड पर उसे बिठाए हुए खाट पर बैठ जाता है और चंदा अपने बाबा के लंड पर आराम से अपनी चूत को फसाए हुए बैठी रहती है, हरिया अपनी चिलम निकाल कर एक बार जला कर फिर से एक तगड़ा काश खीचता है और फिर चंदा के मोटे-मोटे चुतड़ों को सहलाते हुए उसे अपने लंड पर लेकर फिर से खड़ा होकर खूब हुमच-हुमच कर चोदने लगता है,

करीब 10 मिनिट बाद हरिया अपनी बेटी को खाट पर लेता देता है और फिर उसके उपर लेट कर तबाद तोड़ तरीके से अपनी बेटी की चूत मारने लग जाता है और फिर कुछ तगड़े धक्के ऐसे मारता है क़ी चंदा का पानी अपने बाबा के लंड के पानी के साथ ही छूट जाता है और दोनो एक दूसरे से पूरी तरह चिपक जाते है,

कुछ देर बाद हरिया उठ कर पानी पीता है और थोड़ी देर बाद चंदा जब उठती है तो आह बाबा दर्द तो अभी भी लग रहा है

हरिया- अपनी बेटी के गालो को चूमते हुए, बिटिया ज़हरीला चिंटा था उसका जाहंर तो निकल गया पर इस दर्द को पूरी तरह मिटाने के लिए मेरे डंडे से तुझे रोज ऐसे ही अपना दर्द मिटवाना पड़ेगा तब ही कुछ दिनो बाद बिल्कुल दर्द मिट जाएगा,

चंदा-अपने बाबा के मोटे लंड को अपने हाथो मे भर कर दबाते हुए, बाबा तुम्हारा डंडा बहुत मस्त है मुझे तो बड़ा मज़ा आया है, अब तो मे खुद ही इस डंडे से अपना दर्द रोज मिटवाउन्गि

हरिया- अपनी बेटी की बात सुन कर खुश होता हुआ, हा बेटी ठीक है पर एक बात ध्यान रखना यह बात किसी को नही बताना अपनी मा को भी नही समझी, नही तो तेरी शादी नही हो पाएगी

चंदा- नही बाबा मे किसी को नही बताउन्गि

हारिया-अच्छा अब जा जाकर झोपड़ी मे थोड़ा आराम कर ले

रामू वहाँ से दबे पाँव उठ कर अपने खेतो की ओर चल देता है और उसका लंड उसे पागल किए जा रहा था उसके मन मे भी चोदने की एक बहुत ही बड़ी इच्छा ने जनम ले लिया था और वह यह सोच रहा था कि इस हरिया काका की चिलम मे कितना दम है अपनी बेटी को कितनी देर तक कितनी मजबूती से चोद्ता रहा, कितना मज़ा आया होगा उसे अपनी बेटी को चोदने मे, बस यही सोचता हुआ रामू अपने खेतो की ओर चल देता है,

खेत पर पहुचने के बाद रामू अपनी खाट बाहर निकाल कर गन्नो के बीच एक चोकोर जगह पर खाट डाल कर लेट जाता है पर उसकी आँखो मे तो बस चंदा की गुलाबी चूत ही नज़र आ रही थी, थोड़ी देर लेटे रहने के बाद रामू को कुछ दूरी पर रमिया आती हुई नज़र आ रही थी, रमिया 20 साल की हो चुकी थी और उसका शरीर वक़्त से पहले ही इतना भर चुका था कि उसे अगर अपने चूतड़ हिलाकर चलते हुए कोई भी देखे तो उसका लंड खड़ा हो जाए,

और वह भोली इतनी थी जैसे कोई बच्ची हो, रमिया जैसे ही रामू के पास आती है रामू उसे देख कर सोचने लगता है उसकी बहन रमिया तो चंदा से भी गोरी और भरे बदन की है रमिया की चूत कितनी बड़ी और गुलाबी होगी अगर रमिया की चूत मुझे उसी तरह चाटने और चोदने को मिल जाए जैसे हरिया ने अपनी बेटी की चूत चाट-चाट कर चोदि थी तो वाकई मज़ा आ जाएगा, पर इसके लिए उसे हरिया काका की चिलम पीना

पड़ेगी तभी वह अपनी प्यारी बहन को तबीयत से चोद पाएगा,

रमिया- अरे भैया आम खाओगे खूब पके है पास के पेड़ से गिरे थे तो मे उठा लाई,

रामू- रमिया के मोटे-मोटे पके आमो जैसी चुचियो को घूर कर देखते हुए, अरे

रमिया आम खाते थोड़े है आम को तो चूसा जाता है,

रमिया-अपने भैया से सॅट कर बैठते हुए, तो भैया चूसो ना और रमिया उसकी और एक पका हुआ आम बढ़ा देती है, रमिया ने एक स्कर्ट और उपर एक सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी शर्ट के अंदर ब्रा नही थी और उसके बटनो के बीच की गॅप से रमिया के मोटे-मोटे चुचे ऐसे कसे हुए नज़र आ रहे थे कि आम की साइज़ भी उसके तने हुए मस्त ठोस चुचियाँ से छ्होटे नज़र आ रही थी,

वही उसकी पुरानी सी स्कर्ट उसके घुटनो के भी उपर तक थी जिसकी वजह से उसकी भरी हुई गोरी पिंदलिया और मोटी-मोटी गदराई जंघे बहुत मादक नज़र आ रही थी, रामू का लंड अपनी बहना को देख कर अपनी धोती मे पूरा तन चुका था. रामू ने रमिया का हाथ पकड़ कर उसे अपने पास खिचते हुए,

रामू- क्यो री मा क्या कर रही है घर मे,

रमिया- अभी जब मे आई तो नहा रही थी,

रामू- वही घर के आँगन मे नहा रही थी क्या

रमिया- हाँ और दीदी भी उनके साथ नहा रही थी

रामू- दीदी ने क्या घाघरा चोली पहना था

रमिया- नही पेटिकोट पहन कर मा से अपनी टाँगे रगडवा रही थी,

रामू- अरे दीदी से कह दे कभी रामू से भी टाँगे रगडवा ले मे बहुत अच्छी टाँगे रगड़ता हू

रमिया- इठलाते हुए हटो भैया मुझे आम चूसने दो

रामू- आ मेरी गोद मे बैठ कर आराम से मे तुझे चुसता हू

रमिया झट से रामू की गोद मे जैसे ही बैठने जाती है रामू अपना हाथ उसकी स्कर्ट मे भर कर उसके भारी-भारी चुतड़ों से उपर उठा देता है और फिर उसके नंगे चुतड़ों को अपनी जाँघ पर रख कर उसे प्यार से सहलाता हुआ हल्के से उसकी तनी हुई चुचियो पर अपने हाथ रख कर उसे देखने लगता है, रमिया आम को दबा-दबा

कर उसका रस चूस रही थी और रामू रमिया के रसीले होंठो को देख रहा था, रामू उसका गाल चूमते हुए उसकी चुचियों को थोड़ा सा अपने हाथो मे भर कर अपने भैया को नही चूसाएगी,

रमिया-अपने भैया की ओर देखती हुई उसके मुँह की ओर आम कर देती है तब रामू आम को एक दम से हटा कर रमिया के रसीले गुलाबी होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है और उसका हाथ अचानक ही रमिया की मोटी-मोटी चुचियो को शर्ट के उपर से खूब ज़ोर से मसल्ने लगता है,

रमिया- आह भैया यह क्या कर रहे हो मुझे दर्द हो रहा है, छ्चोड़ो ना

रामू- उसका मुँह छ्चोड़ कर उसके गाल को चूमता हुआ,

रामू से रहा नही जा रहा था उसका लंड पूरी तरह तन चुका था लेकिन वह जानता था कि रमिया इतनी भोली है कि बहुत सोच समझ कर उसे चोदना होगा,

रमिया आम खाने के बाद खड़ी होकर एक अंगड़ाई लेती है और भैया कोई मोटा सा गन्ना दो ना मुझे चूसने के लिए

रामू- उसकी बात सुन कर अपने लंड को मसल्ते हुए, रानी बहना गन्ना तो बहुत मोटा है पर क्या तू इतना मोटा गन्ना चूस लेगी,

रमिया वही गन्ने के बीच अपने भारी-भारी चुतड़ों को मतकाते हुए टहलने लगती है और अपनी बहन की कातिल कुँवारी जवानी देख कर रामू का मोटा लंड पागल होने लगता है, रामू अपनी बहन की एक छोटी सी स्कर्ट मे मटकती मोटी गान्ड देख कर उसके पीछे पीछे बिल्कुल उससे सतते हुए चलने लगा उसने रमिया के मोटे चुतड़ों को थामते हुए उससे पूछा ये इधर उधर क्या देख रही है रमिया,

क्रमशः.............


gataank se aage......................

kuch der tak hariya aur uski beti sanse leti rahti hai aur udhar ramu apne lund ko muthiya-muthiya kar lal kar leta hai, kuch der bad chanda apne baba se muskura kar baba jahanr nikal gaya ki aur bhi chatoge meri chut ko

hariya- dekh beti jahanr to nikal gaya hai par tere andar jo dard hai use mitana padega nahi to yah bad me bahut takleef dega,

chanda-apne hath se apni chut ko masalti hui, par baba ab to dard nahi ho raha hai,

hariya-beti dard aise malum nahi padega dekh me batata hu ki tere andar dard bhara hai ya nahi aur phir hariya apni beti ki chut ko khol kar uske andar apni beech ki sabse moti ungli dal kar jaise hi kacch se dabata hai chanda ke pure badan me ek dard ki lahar daud jati hai aur vah apni chut ko kaste huye aah baba bada dard hai andar to,

hariya-apni ungli nikal kar chatta hua, tabhi na kah raha hu beti iske andar ka dard achche se saf karna padega aur uske liye iske andar kuch dalna padega,

chanda- apne baba ko dekhti hui kya daloge baba

hariya-beti isme kuch dande jaisa dalna padega tabhi iska dard kahtam hota hai,

chanda- baba ganne jaisa danda dalna padega kya

hariya-muskurata hua, beti ganne jaisa hi lekin chikna hona chahiye nahi to tujhe kharoch aa jayegi

chanda- to phir kya daloge baba

hariya- ja pahle jhopadi me se tel ki katori utha kar la phir batata hu kya dalna padega,

chanda tel lene ke liye jhopadi me jati hai aur hriya apni chilam jala kar ek tagda kas khichta hai aur uski aankhe puri lal ho jati hai, chanda andar se tel ki katori utha lati hai aur hariya apne dono per khat se niche latka kar baith jata hai,

hariya apni beti ko apni jangh par baitha kar beti mere pas jo danda hai use dalne par bahut jaldi tera dard khatam ho jayega,

chanda- to baba dikhao na aapka danda kaha hai

hariya ne apni beti ki taraf apni lal aankho se dekha aur phir apni dhoti hatakar apna mota kala lund jaise hi apni beti ko dikhaya, apne baba ka vikral lund dekh kar chanda ke chehre ka rang ud gaya, tabhi hariya ne chanda ki chut ko sahlana shuru kar diya aur chanda ke hatho me apna lund thama diya,

hariya- beti aise kya dekh rahi hai pahle kabhi kisi ka danda nahi dekha kya

chanda- apna thuk gatkte huye, baba dekha to hai par yah to bahut mota aur lamba hai,

hariya- beti is dande ko jitna jor se ho sake daba tabhi yah teri chut ke andar ghus kar tera sara dard kahtam kar dega,

chanda-apne baba ka lund sahlane lagti hai aur hariya apni beti ki kunwari gulabi chut ko sahlane lagta hai chanda ki chut me khub chudas paida ho jati hai aur vah ab apne manmane tarike se apne baba ka lund kabhi masalne lagti kabhi uski chamdi ko upar niche karke uske tope ko andar bahar karti aur kabhi apne baba ke bade-bade goto ko khub apne hatheliyo me bhar kar sahlane lagti, idhar chanda ko itna maza aa raha tha ki use pata bhi nahi chala kab uske baba ne apni ungli thunk me bhigo-bhigo kar uski chut me gahrai tak bharna shuru kar diya tha,

hariya- beti kabhi ganna chusa hai ki nahi

chanda- ha baba khub chusa hai

hariya-beti apne baba ka danda chus kar dekh ganna chusne se bhi jyada maza ata hai

chanda- haste huye kya isko bhi chusa jata hai

hariya- ek bar chus kar dekh phir bata kaisa lagta hai

chanda apne baba ki bat sun kar uske mote lund ko apne munh me bhar kar chusne lagti hai uske munh me apne baba ka mota lund mushkil se sama raha tha vah pahle dhire-dhire apne baba k alnd chusti hai aur phir jab use bahut achcha lagne lagta hai tab vah ha baba aapka danda to bahut achcha lag raha hai aur phir chanda use khub kas-kas kar chusne lagti hai.

jab chanda chus-chus kar thak jati hai tab hariya use tel ki katori de kar le beti isme se tel lekar mere lund par achche se laga de ab yah teri chut ke andar jakar uska sara dard dur karega,

chanda- apni masti me aa chuki thi aur apne baba ke mote lund par khub ragad-ragad kar tel lagane lagti hai, jab hariya ka lund tel se pura gila ho jata hai tab hariya apni beti ko khat par leta kar uski dono jangho ko utha leta hai aur apne lund ko apni beti ki gulabi chut me laga kar apne lund ke tope ko uski chut ke gulabi ras se bhige huye ched me fit karke

hariya- dekh beti ab yah jab andar ghusega to thoda jyada dard hoga aur phir tujhe ek dam se dhire-dhire aaram hone lagega, isliye jyada aawaj mat karna,

chanda- aap fikar na karo baba me sab sah lungi, chanda ke munh se yah bat sunte hi hariya ne ek tabiyat se aisa jhatka mara ki apni beti ki kunwari chut ko phadta hua sidha uska mota lund adhe se jyada uski chut me phas gaya aur chanda ke munh se hay mar gai re baba ki jor se aawaj nikal padi hariya ne jaldi se uska munh daba kar ek dusra jhatka itni jor se mara ki uska puar lund jhad tak uski beti ki chut ko phad kar pura andar sama gaya aur chanda aah karke chikhti hai aur uski aankho se aansu aa jate hai uski chut se khun ki dhar lag jati hai aur vah apni tange idhar udhar phekne lagti hai, tabhi hariya uski gaanD ke niche ek hath dal kar use utha kar apne sine se chipka leta hai aur dhire-dhire apni kamar ko hilate huye chanda ke doodh ko daba-daba kar uski chut me jhatke marne lagta hai,

chanda aah chhod de baba bahut dukh raha hai aah aah o baba,

hariya- beti apne baba se khub kas kar chipak ja ab bilkul dard nahi hoga ab dekhna tujhe kitna maza aayega, chanda apne baba se puri tarah chipak jati hai aur hariya ab kuch tej-tej apni beti ki chut me apne lund se dhakke marne lagta hai, hariya ka lund ab chanda ki chut me kuch chiknahat ke sath jane lagta hai par uske lund ko uski beti ki chut ne bahut buri tarah jakad rakha tha isliye hariya ko apni bitiya rani ko chodane me bada maza aa raha tha usne chanda ki dono moti jangho ko tham kar ab satasat apne lund se pelai shuru kar di aur chanda aah aah o baba aah ab thik hai aah aah o baba bahut achcha lag raha hai aur tej maro baba tum bahut achcha mar rahe ho thoda tej maro baba

hariya apni beti ki bat sun kar use khub humach-humach kar chodane lagta hai, ab hariya khada hokar apni beti ko apne lund ke upar tange huye use apne khade lund par upar niche karte huye uski chut marne lag jata hai, chanda pure anand me apne baba se bandariya ki tarah chipki hui apni chut me apni aukat se bada aur mota lund fasaye huye mast jhula jhul rahi thi, karib aadha ghante tak hariya apni beti ko apne lund par baithaye rahta hai,

hariya apni beti ke chhote-chhote doodh ko bhi pakad kar masalta hai tab chanda usse khub kas kar chipak jati hai aur uska pani nikal jata hai, hariya apne lund par use bithaye huye khat par baith jata hai aur chanda apne baba ke lund par aaram se apni chut ko phasaye huye baithi rahti hai, hariya apni chilam nikal kar ek bar jala kar phir se ek tagda kash khichta hai aur phir chanda ke mote-mote chutdo ko sahlate huye use apne lund par lekar phir se khada hokar khub humach-humach kar chodane lagta hai,

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kuch der bad hariya uth kar pani pita hai aur thodi der bad chanda jab uthti hai to aah baba dard to abhi bhi lag raha hai

hariya- apni beti ke galo ko chumte huye, bitiya jahrila chinta tha uska jahanr to nikal gaya par is dard ko puri tarah mitane ke liye mere dande se tujhe roj aise hi apna dard mitwana padega tab hi kuch dino bad bilkul dard mity jayega,

chanda-apne baba ke mote lund ko apne hatho me bhar kar dabate huye, baba tumhara danda bahut mast hai mujhe to bada maza aaya hai, ab to me khud hi is dande se apna dard roj mitwaungi

hariya- apni beti ki bat sun kar khush hota hua, ha beti thik hai par ek bat dhyan rakhna yah bat kisi ko nahi batana apni ma ko bhi nahi samjhi, nahi to teri shadi nahi ho payegi

chanda- nahi baba me kisi ko nahi bataungi

haariya-achcha ab ja jakar jhopadi me thoda aaram kar le

ramu vahan se dabe panv uth kar apne kheto ki aur chal deta hai aur uska lund use pagal kiye ja raha tha uske man me bhi chodane ki ek bahut hi badi ichcha ne janam le liya tha aur vah yah soch raha tha ki is hariya kaka ki chilam me kitna dam hai apni beti ko kitni der tak kitni majbooti se chodta raha, kitna maza aaya hoga use apni beti ko chodane me, bas yahi sochta hua ramu apne kheto ki aur chal deta hai,

khet par pahuchne ke bad ramu apni khat bahar nikal kar ganno ke beech ek chokor jagah par khat dal kar let jata hai par uski aankho me to bas chanda ki gulabi chut hi najar aa rahi thi, thodi der lete rahne ke bad ramu ko kuch duri par ramiya aati hui najar aa rahi thi, ramiya 20 sal ki ho chuki thi aur uska sharir waqt se pahle hi itna bhar chuka tha ki use agar apne chutd hilakar chalte huye koi bhi dekhe to uska lund khada ho jaye,

aur vah bholi itni thi jaise koi bachchi ho, ramiya jaise hi ramu ke pas aati hai ramu use dekh kar sochne lagta hai uski bahan ramiya to chanda se bhi gori aur bhare badan ki hai ramiya ki chut kitni badi aur gulabi hogi agar ramiya ki chut mujhe usi tarah chatne aur chodane ko mil jaye jaise hariya ne apni beti ki chut chat-chat kar chodi thi to vakai maza aa jayega, par iske liye use hariya kaka ki chilam pina

padegi tabhi vah apni pyari bahan ko tabiyat se chod payega,

ramiya- are bhaiya aam khaoge khub pake hai pas ke ped se gire the to me utha lai,

ramu- ramiya ke mote-mote pake aamo jaise doodh ko ghur kar dekhte huye, are

ramiya aam khate thode hai aam ko to chusa jata hai,

ramiya-apne bhaiya se sat kar baithte huye, to bhaiya chuso na aur ramiya uski aur ek paka hua aam badha deti hai, ramiya ne ek skirt aur upar ek safed rang ki shirt pahan rakhi thi shirt ke andar bra nahi thi aur uske battono ke beech ki gap se ramiya ke mote-mote chuche aise kase huye najar aa rahe the ki aam ki size bhi uske tane huye mast thos doodh se chhote najar aa rahi thi,

vahi uski purani si skirt uske ghutno ke bhi upar tak thi jiski vajah se uski bhari hui gori pindliya aur moti-moti gadrai janghe bahut madak najar aa rahi thi, ramu ka lund apni bahna ko dekh kar apni dhoti me pura tan chuka tha. ramu ne ramiya ka hath pakad kar use apne pas khichte huye,

ramu- kyo ri ma kya kar rahi hai ghar me,

ramiya- abhi jab me aai to naha rahi thi,

ramu- vahi ghar ke aangan me naha rahi thi kya

ramiya- ha aur didi bhi unke sath naha rahi thi

ramu- didi ne kya ghaghra choli pahna tha

ramiya- nahi petikot pahan kar ma se apni tange ragadwa rahi thi,

ramu- are didi se kah de kabhi ramu se bhi tange ragadwa le me bahut achchi tange ragadta hu

ramiya- ithlate huye hato bhaiya mujhe aam chusne do

ramu- aa meri god me baith kar aaram se me tujhe chusata hu

ramiya jhat se ramu ki god me jaise hi baithne jati hai ramu apna hath uski skirt me bhar kar uske bhari-bhari chutdo se upar utha deta hai aur phir uske nange chutdo ko apni jangh par rakh kar use pyar se sahlata hua halke se uski tani hui chuchiyo par apne hath rakh kar use dekhne lagta hai, ramiya aam ko daba-daba

kar uska ras chus rahi thi aur ramu ramiya ke rasile hontho ko dekh raha tha, ramu uska gal chumte huye uske doodh ko thoda sa apne hatho me bhar kar apne bhaiya ko nahi chusayegi,

ramiya-apne bhaiya ki aur dekhti hui uske munh ki aur aam kar deti hai tab ramu aam ko ek dam se hata kar ramiya ke rasile gulabi hontho ko apne munh me bhar kar chusne lagta hai aur uska hath achanak hi ramiya ke mote-mote doodh ko shirt ke upar se khub jor se masalne lagta hai,

ramiya- aah bhaiya yah kya kar rahe ho mujhe dard ho raha hai, chhodo na

ramu- uska munh chhod kar uske gal ko chumta hua,

ramu se raha nahi ja raha tha uska lund puri tarah tan chuka tha lekin vah janta tha ki ramiya itni bholi hai ki bahut soch samajh kar use chodna hoga,

ramiya aam khane ke bad khadi hokar ek angdai leti hai aur bhaiya koi mota sa ganna do na mujhe chusne ke liye

ramu- uski bat sun kar apne lund ko masalte huye, rani bahna ganna to bahut mota hai par kya tu itna mota ganna chus legi,

ramiya vahi ganne ke beech apne bhari-bhari chutdo ko matkate huye tahalne lagti hai aur apni bahan ki katil kunwari jawani dekh kar ramu ka mota lund pagal hone lagta hai, ramu apni bahan ki ek choti si skirt me matakti moti gaanD dekh kar uske piche piche bilkul usse satte huye chalne laga usne ramiya ke mote chutdo ko thamte huye usse puchca ye idhar udhar kya dekh rahi hai ramiya,

kramashah.............

rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 13 Oct 2014 11:29

गन्ने की मिठास--3

गतान्क से आगे......................

तब रमिया ने कहा वह तो कोई अच्छा सा गन्ना चाहती है जिसमे खूब रस भरा हो, आज उसका एक मोटा सा गन्ना चूसने का मन है, रामू का मोटा लंड पूरी तरह तन चुका था आज वह अपनी बहन रमिया को चोदने के लिए पागल हुआ जा रहा था, एक तो हरिया काका ने जिस तरह से अपनी 16 साल की चिकनी लोंड़िया को चोदा था बस उस नज़ारे को याद करके रामू का लंड और भी झटके मार रहा था,

रामू- अपनी बहन की मोटी गान्ड की दरार मे अपनी एक उंगली हल्के से दबा कर, मेरी बहना तू इधर उधर क्या देख रही है जब कि एक मस्त गन्ना तो मेरे पास है अगर तू मेरा गन्ना चूसना चाहती हो तो बोल,

रमिया- आप का गन्ना अच्छा लंबा और मोटा है

रामू- एक बार जब तू अपने इन गुलाबी होंठो से उसे चुसेगी तो तुझे ऐसा मज़ा मिलेगा कि तू फिर रोज मुझसे कहेगी कि भैया अपना गन्ना अपनी बहन को चूसा दो ना,

रमिया-तो भैया चुसाओ ना अपना गन्ना,

रामू- अच्छा तो चल मेरे साथ लेकिन वहाँ खेत का कुछ चारा दोनो मिल कर काट लेते है और फिर रामू रमिया को लेकर खेत मे चारा काटने लगते है रामू जानबूझ कर अपनी धोती के साइड से अपने मोटे लंड को बाहर निकाल लेता है रमिया उसके सामने बैठी-बैठी चारा काटती रहती है तभी अचानक रमिया की नज़र रामू के मोटे काले लंड पर पड़ जाती है और रमिया, का चेहरा एक दम से लाल होने लगता है, रमिया अपना थूक गटकते हुए बार-बार उसके मोटे लंड को देखती जा रही थी, और रामू तिरछी नज़रो से उसकी प्रतिक्रिया देख रहा था,

रामू बड़ा चतुर था जैसे-जैसे रमिया उसके लंड को देख रही थी रामू रमिया की चूत की कल्पना करके अपने लंड को और खड़ा कर रहा था, रामू का लंड जैसे-जैसे बढ़ने लगा रमिया की साँसे तेज होने लगी थी, अब रमिया का यह हाल था कि वह एक तक रामू के लंड को देखे जा रही थी, यही मोका था कि रामू ने रमिया को आवाज़ देकर

रमिया- क्या देख रही है,

रामू की आवाज़ सुन कर रमिया एक दम से घबरा गई और कुछ नही भैया करने लगी

रामू ने अपने लंड की ओर देखा और फिर रमिया को देखते हुए, तू मेरे लंड को देख रही है,

रमिया- नही भैया मे कहाँ देख रही हू

रामू-सच-सच बता दे तू मेरे लंड को देख रही थी ना, अगर सच नही बताएगी तो मे मा से तेरी शिकायत करूँगा

रमिया- वो भैया ग़लती से नज़र चली गई,

रामू- उसके पास सरक कर अब तूने मेरा देखा है तो अपना भी दिखा नही तो मे मा से बता दूँगा कि तू मेरा लंड देख रही थी,

रमिया- नही भैया मा से ना कहना नही तो वह मारेगी,

रामू- तो फिर चल अपनी स्कर्ट हटा कर मुझे भी अपनी चूत दिखा और फिर रामू ने उसे उसके चुतड़ों के बल वही बैठा दिया और झट से उसकी स्कर्ट पकड़ कर उपर कर दी, अपनी बहन की फूली हुई गुलाबी फांको वाली चूत देख कर रामू का लंड लोहे जैसा तन गया,

रामू- थोड़ा अपने चेहरे पर गुस्से के भाव लाता हुआ, थोड़ा अपनी जाँघो को और फैला

रमिया ने रामू की बात सुन कर अपनी जाँघो को और चौड़ा कर लिया और उसकी चूत का गुलाबी लपलपता छेद देखा कर रामू का लंड झटके मारने लगा, रामू ने धीरे से अपने हाथ को रमिया की रसीली फूली हुई चूत पर फेरते हुए,

रामू- रमिया तेरी चूत तो बहुत फूली हुई है

रमिया-रामू के खड़े विकराल लंड को बड़ी हसरत भरी निगाहो से देख रही थी और रामू अपनी बहन की चूत की फांको को अपने हाथो से फैला-फैला कर देख रहा था, रमिया की चूत मे बहुत मस्ती चढ़ने लगी थी और उसे अपने भैया के हाथो से धीरे-धीरे अपनी चूत कुरेद वाना बहुत अच्छा लग रहा था,

तभी रामू ने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ कर देखते हुए, अरे रमिया मेरा लंड तो तेरी चूत को देख कर बहुत गरम हो रहा है ज़रा पकड़ कर देख और फिर रामू ने रमिया का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया, रमिया डरते हुए धीरे-धीरे रामू के लंड को सहलाने लगी और रामू ने रमिया की फूली हुई चूत को दुलारना शुरू कर दिया, कुछ देर तक रामू अपनी बहन से अपने लंड को सहलवाता रहा फिर रामू ने उससे कहा चल खाट पर आराम से बैठ कर बाते करते है और उसका हाथ पकड़ कर खाट पर लाकर बैठा देता है, रामू उससे चिपक कर लेट जाता है,

रामू- रमिया तुझे अच्छा लग रहा है

रमिया- हाँ भैया

रामू- तेरी चूत सहलाऊ

रमिया- उसकी बात का कोई जवाब नही देती है और रामू उसकी चूत को धीरे-धीरे सहलाने लगता है और उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर जैसे ही रखता है रमिया कस कर अपने भैया का मोटा लंड अपने हाथो मे पकड़ लेती है,

रामू- रमिया के होंठो को चूमता हुआ, अच्छा यह बता रमिया अभी तू जब घर से आई थी तब मा और दीदी दोनो पूरी नंगी होकर नहा रही थी क्या,

रमिया- नही भैया दोनो ने पेटिकोट पहन रखा था, रामू अच्छा तो मा और दीदी के दूध तो पूरे नंगे रहे होंगे ना

रमिया-हाँ भैया दोनो के दूध पूरे नंगे थे,

रामू-अच्छा मा के दूध ज़्यादा बड़े है कि दीदी के

रमिया- बड़े तो दोनो के है पर मा के कुछ ज़्यादा मोटे-मोटे है,

रामू-अच्छा क्या तेरे दूध भी मा और दीदी के दूध के बराबर है,

रमिया- अपने दूध को देख कर नही भैया मेरे तो छ्होटे है

रामू- अपनी ललचाई नज़रो से रमिया की कसी हुई चुचियो को देख कर, पर मुझे तो तेरे दूध मा और दीदी से भी बड़े नज़र आ रहे है

रमिया- नही भैया छ्होटे है चाहो तो खोल कर देख लो

रामू-अच्छा दिखा और फिर रामू रमिया के शर्ट के बतनो जल्दी-जल्दी खोल देता है और जब वह अपनी बहन के मोटे-मोटे बिल्कुल ठोस कसे हुए दूध को अपने हाथो मे भर कर कस कर मसलता है तो उसे मज़ा आ जाता है और रमिया एक मीठे से दर्द के मारे सिहर जाती है,

तभी अचानक उन्हे गन्ने की सरसराहट की आवाज़ आती है तो दोनो अलग हो जाते है और रमिया उठ कर खड़ी होकर देखने लगती है तभी सामने से हरिया काका चला आ रहा था, रमिया मटकती हुई झोपड़ी की ओर चल देती है और रामू खड़ा होकर, अरे आओ हरिया काका

हरिया- और बेटा क्या हो रहा है, अरे बैठा-बैठा बोर हो रहा था सोचा चलो रामू के पास ही चल कर बैठेंगे,

रामू-अच्छा किया काका जो आ गये और बताओ आज चिलम नही लगाए हो का

हरिया अरे बेटा चिलम लगाए होते तो अब तक तो हमारा हथियार लूँगी मे ही खड़ा होता

रामू-मुस्कुराते हुए, तो काका अगर चिलम लगा लो तो हथियार ज़्यादा खड़ा होता है का

हरिया- बेटा ये तो हम नही जानते पर हाँ इतना ज़रूर है कि जब हम चिलम लगा लेते है तो हमे चोदने का बड़ा मन करने लगता है

रामू- अभी लिए हो का काका

हरिया- का चिलम

रामू- हा

हरिया- अरे वो तो हम हमेशा साथ लेकर ही चलते है, पर लगता है आज तुम्हारा मन भी इसे पीने का कर रहा है

रामू- हाँ काका आज हमे भी पिला दो

हरिया- ठीक है बेटवा अभी पिला देते है और फिर हरिया काका चिलम तैयार करके रामू को देता है और रामू कस मारना शुरू कर देता है, दोनो चिलम पी कर मस्त हो जाते है और फिर

तभी उधर से रमिया पानी लेकर आती है जब वह पानी पिला कर जाने लगती है तो उसके मटकते मोटे-मोटे चुतड़ों को अपनी लाल आँखो से घूरते हुए हरिया कहता है रामू बेटा अब तुम्हारी बहना भी बड़ी लोंड़िया नज़र आने लगी है, तुम तो बेकार ही यहाँ वहाँ परेशान हो रहे हो ज़रा आस पास नज़र डालो तो तुम्हे बड़ी मस्त-मस्त लोंड़िया मिल जाए चोदने के लिए,

रामू- अपनी बहन की गदराई जवानी को देख कर हरिया को देखता हुआ, पर काका हम किसे चोदे

हरिया- अरे तुम्हारी यह रमिया है ना बड़ी मस्त लोंड़िया लग रही है, मेरा कहा मानो तुम दिन भर इसे लेकर यही गन्नो के बीच रहते हो, बड़ा अच्छा मोका है तुम्हारे पास यही लोंड़िया को खूब कस-कस कर पेलो, तुम्हारे तो मज़े हो जाएगे

रामू- पर काका वो तो हमारी बहन है,

हरिया- अरे तुम बहन की बात करते हो हमने तो अपनी 16 साल की लोंड़िया की मस्त पेलाई की है.

रामू- क्या बात कर रहे हो काका

हरिया- अपने लंड को मसल्ते हुए, अरे हम सच कह रहे है और ऐसी कुँवारी लोंड़िया की गुलाबी चूत मे जब अपना लंड पेलते है ना तो बड़ा मज़ा आता है, जब तुम अपनी रमिया की गुलाबी चूत देखोगे ना तो उसकी चूत को चूसे बिना नही रह पाओगे,

हरिया- और फिर तुम्हारे घर मे तो बहुत माल है, तुम्हारी बड़ी बहन भी मस्त चोदने लायक हो गई है राजा मोका अच्छा है दोनो लोंड़िया अभी कुँवारी है किसी भी तरह दोनो लोंदियो को चोद डाल,

रामू- काका तुम्हे अपनी बेटी चंदा को चोदने मे बहुत मज़ा आया था,

हरिया- अब क्या बताऊ रामू बहुत चिकनी और गुलाबी चूत है उसकी जब उसकी जंघे फैला कर उसकी रस से भरी फूली चूत देखता हू तो पागल हो जाता हू जी भर कर अपनी लोंड़िया की चूत चूस्ता हू और फिर खूब कस-कस कर उसकी चूत को अपने मोटे लंड से चोद्ता हू, सच मे उसकी कसी चूत मे इतना कसा-कसा जाता है मेरा लंड कि क्या बताऊ,

रामू- चंदा भी खूब कस्के लिपटती होगी आप से

हरिया- अरे उसे तो हमने अपनी गोद मे उठा कर उसे अपने लंड पर बैठा लिया था और वह हमारी छाती से चिपकी हुई अपने चूतड़ हमारे लंड की ओर धकेल रही थी,

रामू- पर काका हम रमिया को चोदने के लिए कहे कैसे,

हरिया- अरे रमिया को प्यार से अपनी गोद मे बैठा ले और फिर उसकी दोनो चुचियो को धीरे-धीरे सहलाते हुए कभी उसके गालो को चूम कभी उसके होंठो को चूम ले और बीच-बीच मे उसकी मोटी कसी हुई छातीयो को कस कर दबा दे और फिर उससे पुंछ कैसा लग रहा है रमिया और फिर जहाँ तू उसे थोड़ा गरम कर देगा वह खुद ही अपनी चूत तेरे सामने खोलने लगेगी, चल बेटवा अब हम चलते है हमारी लोंड़िया हमारा इंतजार कर रही होगी और फिर हरिया वहाँ से चला जाता है उसके जाने के बाद रामू वहाँ से खड़ा होकर रमिया के पास जाकर खड़ा हो जाता है,

रामू- रमिया का हाथ पकड़ कर सहलाते हुए तू यहाँ क्यो खड़ी है चल वहाँ बैठेंगे और फिर रमिया का हाथ पकड़ कर खाट के पास लेजता है और उसे अपनी गोद मे बैठा लेता है,

रामू- उसके गालो को चूमता हुआ मेरी गुड़िया रानी इतनी गर्मी मे तू यह शर्ट अपने सीने पर कैसे कसे रहती है मुझे देख मे केवल अपनी धोती पहने कैसे खुला हवा लेता हू ला तेरी यह शर्ट के बटनो खोल देता हू कुछ हवा लग जाए और फिर रामू ने रमिया के बटन खोलने शुरू किए

रमिया- कसमसाते हुए भैया कहाँ गर्मी लग रही है

रामू- अरे इन्हे हवा लगाना बहुत ज़रूरी है तूने देखा नही मा और दीदी कैसे खोल कर नहा रही थी तू तो पागल है मेरी गुड़िया कुछ भी नही समझती इनकी तो मालिश भी करना पड़ती है नही तो इनमे दर्द रहता है और फिर रामू उसकी शर्ट के बॅटन खोलने के बाद उसके मोटे पके हुए बड़े-बड़े कलमी आमो की तरह तने हुए चुचो को अपने हाथो मे भर कर जब कस कर मसलता है तो रमिया कराह उठती है,

रमिया- आह भैया बड़ा दर्द हो रहा है

रामू- मे ना कहता था इनमे दर्द रहेगा, इसी लिए तो कह रहा हू इनको हवा लगने दो और मे इनकी आज अच्छे से मालिश कर देता हू तो तेरा दर्द बिल्कुल ख़तम हो जाएगा,

रामू- तू एक काम कर मेरी तरफ मुँह करके अपने पेर मेरे आस पास करके आराम से बैठ जा मे तेरी अच्छे से मालिश कर देता हू, रमिया अपने भैया की गोद मे जैसे ही बैठती है उसकी गान्ड मे अपने भैया का मोटा लंड चुभने लगता है पर वह एक दम से बैठ जाती है और रामू उसके भारी चुतड़ों को पकड़ कर अपनी और दबा लेता है, अब रामू अपने हाथो से अपनी बहन के मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर मसल्ने लगता है और रमिया आह आह करती हुई अपने भैया से चिपकने की कोशिश करने लगती है,

रामू रमिया के रसीले होंठो को चूमता हुआ उसके दूध पागलो की तरह मसल्ने लगता है और रमिया उसकी बाँहो मे तड़पने लगती है.

रमिया- आह भैया धीरे दबाओ ना तुम तो दर्द मिटाने की बजाय दर्द दे रहे हो,

रामू- रमिया के होंठो को चूम कर मेरी गुड़िया रानी आज मे तुझे बहुत मीठा-मीठा दर्द दूँगा,

रमिया- उसकी गोद से अपनी गान्ड उठाते हुए अपने हाथो से रामू का मोटा लंड उसकी धोती से बाहर निकाल कर, भैया ये मुझे चुभ रहा है,

रामू- मेरी बहना यह तेरे भैया का गन्ना है इसे चूसा भी जाता है,

रमिया- मुस्कुरकर इसे कैसे चूसा जाता होगा भैया,

रामू- अरे तू नही जानती सब औरते सभी आदमियो का गन्ना बड़े प्यार से चाट-चाट कर चुस्ती है, ले तू भी इसे अपनी जीभ से चूस कर देख,

रमिया- नही भैया मे नही चुसुन्गि मुझे अच्छा नही लगता है

रामू- मेरी प्यारी बहना एक बार चूस कर देख फिर मे तेरे लिए सुंदर सी पायल ला कर दूँगा,

रमिया- खुश होते हुए सच कह रहे हो,

रामू- धीरे से उसकी फूली हुई चूत पर अपना हाथ रख कर मेरी रानी अब चूस भी ले और फिर रामू अपने लंड को रमिया के मुँह मे दे कर उसकी चूत के गुलाबी रस से भरे हुए छेद मे धीरे से एक उंगी डाल कर अपनी बहन की कुँवारी चूत को सहलाने लगता है, रमिया को अपने भाई के लंड को चाटने और चूसने मे मज़ा आने लगता है और वह अपने भाई के लंड को अपने हाथो मे भर कर खूब दबोच-दबोच कर चूसने लगती है,

क्रमशः.............



gataank se aage......................

tab ramiya ne kaha vah to koi achca sa ganna chahti hai jisme khub ras bhara ho, aaj uska ek mota sa ganna chusne ka man hai, ramu ka mota lund puri tarah tan chuka tha aaj vah apni bahan ramiya ko chodane ke liye pagal hua ja raha tha, ek to hariya kaka ne jis tarah se apni 16 sal ki chikni londiya ko choda tha bas us najare ko yad karke ramu ka lund aur bhi jhatke mar raha tha,

ramu- apni bahan ki moti gaanD ki darar me apni ek ungli halke se daba kar, meri bahna tu idhar udhar kya dekh rahi hai jab ki ek mast ganna to mere pas hai agar tu mera ganna chusna chahti ho to bol,

ramiya- aap ka ganna achcha lamba aur mota hai

ramu- ek bar jab tu apne in gulabi hontho se use chusegi to tujhe aisa maza milega ki tu phir roj mujhse kahegi ki bhaiya apna ganna apni bahan ko chusa do na,

ramiya-to bhaiya chusao na apna ganna,

ramu- achcha to chal mere sath lekin vahan khet ka kuch chara dono mil kar kat lete hai aur phir ramu ramiya ko lekar khet me chara katne lagte hai ramu janbujh kar apni dhoti ke side se apne mote lund ko bahar nikal leta hai ramiya uske samne baithi-baithi chara katti rahti hai tabhi achanak ramiya ki najar ramu ke mote kale lund par pad jati hai aur ramiya, ka chehra ek dam se lal hone lagta hai, ramiya apna thuk gatakte huye bar-bar uske mote lund ko dekhti ja rahi thi, aur ramu tirchi najro se uski pratikriya dekh raha tha,

ramu bada chatur tha jaise-jaise ramiya uske lund ko dekh rahi thi ramu ramiya ki chut ki kalpna karke apne lund ko aur khada kar raha tha, ramu ka lund jaise-jaise badhne laga ramiya ki sanse tej hone lagi thi, ab ramiya ka yah hal tha ki vah ek tak ramu ke lund ko dekhe ja rahi thi, yahi moka tha ki ramu ne ramiya ko aawaj dekar

ramiya- kya dekh rahi hai,

ramu ki aawaj sun kar ramiya ek dam se ghabra gai aur kuch nahi bhaiya karne lagi

ramu ne apne lund ki aur dekha aur phir ramiya ko dekhte huye, tu mere lund ko dekh rahi hai,

ramiya- nahi bhaiya me kaha dekh rahi hu

ramu-sach-sach bata de tu mere lund ko dekh rahi thi na, agar sach nahi batayegi to me ma se teri shikayat karunga

ramiya- vo bhaiya galti se najar chali gai,

ramu- uske pas sarak kar ab tune mera dekha hai to apna bhi dikha nahi to me ma se bata dunga ki tu mera lund dekh rahi thi,

ramiya- nahi bhaiya ma se na kahna nahi to vah maregi,

ramu- to phir chal apni skirt hata kar mujhe bhi apni chut dikha aur phir ramu ne use uske chutdo ke bal vahi baitha diya aur jhat se uski skirt pakad kar upar kar di, apni bahan ki phuli hui gulabi phanko wali chut dekh kar ramu ka lund lohe jaisa tan gaya,

ramu- thoda apne chehre par gusse ke bhav lata hua, thoda apni jangho ko aur phaila

ramiya- ne armu ki bat sun kar apni jangho ko aur chauda kar liya aur uski chut ka gulabi laplapata ched dekha kar ramu ka lund jhatke marne laga, ramu ne dhire se apne hath ko ramiya ki rasili phuli hui chut par pherte huye,

ramu- ramiya teri chut to bahut phuli hui hai

ramiya-ramu ke khade vikaral lund ko badi hasrat bhari nigaho se dekh rahi thi aur ramu apni bahan ki chut ki phanko ko apne hatho se phaila-phaila kar dekh raha tha, ramiya ki chut me bahut masti chadhne lagi thi aur use apne bhaiya ke hatho se dhire-dhire apni chut khuredwana bahut achcha lag raha tha,

tabhi ramu ne apne hath se apne lund ko pakad kar dekhte huye, are ramiya mera lund to teri chut ko dekh kar bahut garam ho raha hai jara pakad kar dekh aur phir ramu ne ramiya ka hath pakad kar apne lund par rakh diya, ramiya darte huye dhire-dhire ramu ke lund ko sahlane lagi aur ramu ne ramiya ki phuli hui chut ko dularna shuru kar diya, kuch der tak ramu apni bahan se apne lund ko sahlwata raha phir ramu ne usse kaha chal khat par aaram se baith kar bate karte hai aur uska hath pakad kar khat par lakar baitha deta hai, ramu usse chipak kar let jata hai,

ramu- ramiya tujhe achcha lag raha hai

ramiya- ha bhaiya

ramu- teri chut sahlau

ramiya- uski bat ka koi jawab nahi deti hai aur ramu uski chut ko dhire-dhire sahlane lagta hai aur uska hath pakad kar apne lund par jaise hi rakhta hai ramiya kas kar apne bhaiya ka mota lund apne hatho me pakad leti hai,

ramu- ramiya ke hontho ko chumta hua, achcha yah bata ramiya abhi tu jab ghar se aai thi tab ma aur didi dono puri nangi hokar naha rahi thi kya,

ramiya- nahi bhaiya dono ne petikot pahan rakha tha, ramu achcha to ma aur didi ke doodh to pure nange rahe honge na

ramiya-ha bhaiya dono ke doodh pure nange the,

ramu-achcha ma ke doodh jyada bade hai ki didi ke

ramiya- bade to dono ke hai par ma ke kuch jyada mote-mote hai,

ramu-achcha kya tere doodh bhi ma aur didi ke doodh ke barabar hai,

ramiya- apne doodh ko dekh kar nahi bhaiya mere to chhote hai

ramu- apni lalchai najro se ramiya ki kasi hui chuchiyo ko dekh kar, par mujhe to tere doodh ma aur didi se bhi bade najar aa rahe hai

ramiya- nahi bhaiya chhote hai chaho to khol kar dekh lo

ramu-achcha dikha aur phir ramu ramiya ke shirt ke batton jaldi-jaldi khol deta hai aur jab vah apni bahan ke mote-mote bilkul thos kase huye doodh ko apne hatho me bhar kar kas kar masalta hai to use maza aa jata hai aur ramiya ek mithe se dard ke mare sihar jati hai,

tabhi achanak unhe ganne ki sarsarahat ki aawaj aati hai to dono alag ho jate hai aur ramiya uth kar khadi hokar dekhne lagti hai tabhi samne se hariya kaka chala aa raha tha, ramiya matakti hui jhopadi ki aur chal deti hai aur ramu khada hokar, are aao hariya kaka

hariya- aur beta kya ho raha hai, are baitha-baitha bor ho raha tha socha chalo ramu ke pas hi chal kar baithenge,

ramu-achcha kiya kaka jo aa gaye aur bataao aaj chilam nahi lagaye ho ka

hariya are beta chilam lagaye hote to ab tak to hamara hathiyar lungi me hi khada hota

ramu-muskurate huye, to kaka agar chilam laga lo to hathiyar jyada khada hota hai ka

hariya- beta ye to hum nahi jante par ha itna jarur hai ki jab hum chilam laga lete hai to hame chodane ka bada man karne lagta hai

ramu- abhi liye ho ka kaka

hariya- ka chilam

ramu- ha

hariya- are vo to hum hamesha sath lekar hi chalte hai, par lagta hai aaj tumhara man bhi ise pine ka kar raha hai

ramu- ha kaka aaj hame bhi pila do

hariya- thik hai betwa abhi pila dete hai aur phir hariya kaka chilam taiyar karke ramu ko deta hai aur ramu kas marna shuru kar deta hai, dono chilam pi kar mast ho jate hai aur phir

tabhi udhar se ramiya pani lekar aati hai jab vah pani pila kar jane lagti hai to uske matakte mote-mote chutdo ko apni lal aankho se ghurte huye hariya kahta hai ramu beta ab tumharai bahna bhi badi londiya najar aane lagi hai, tum to bekar hi yahan vahan pareshan ho rahe ho jara aas pas najar dalo to tumhe badi mast-mast londiya mil jaye chodane ke liye,

ramu- apni bahan ki gadrai jawani ko dekh kar hariya ko dekhta hua, par kaka hum kise chode

hariya- are tumhari yah ramiya hai na badi mast londiya lag rahi hai, mera kaha mano tum din bhar ise lekar yahi ganno ke beech rahte ho, bada achcha moka hai tumhare pas yahi londiya ko khub kas-kas kar pelo, tumhare to maje ho jayege

ramu- par kaka vo to hamari bahan hai,

hariya- are tum bahan ki bat karte ho hamne to apni 16 sal ki londiya ki mast pelai ki hai.

ramu- kya bat kar rahe ho kaka

hariya- apne lund ko masalte huye, are hum sach kah rahe hai aur aisi kunwari londiya ki gulabi chut me jab apna lund pelte hai na to bada maza aata hai, jab tum apni ramiya ki gulabi chut dekhoge na to uski chut ko chuse bina nahi rah paoge,

hariya- aur phir tumhare ghar me to bahut mal hai, tumhari badi bahan bhi mast chodane layak ho gai hai raja moka achcha hai dono londiya abhi kunwari hai kisi bhi tarah dono londiyo ko chod dal,

ramu- kaka tumhe apni beti chanda ko chodane me bahut maza aaya tha,

hariya- ab kya batau ramu bahut chikni aur gulabi chut hai uski jab uski janghe phaila kar uski ras se bhari phuli chut dekhta hu to pagal ho jata hu jee bhar kar apni londiya ki chut chusta hu aur phir khub kas-kas kar uski chut ko apne mote lund se chodta hu, sach me uski kasi chut me itna kasa-kasa jata hai mera lund ki kya batau,

ramu- chanda bhi khub kaske lipatti hogi aap se

hariya- are use to hamne apni god me utha kar use apne lund par baitha liya tha aur vah hamari chhaatee se chipki hui apne chutd hamare lund ki aur dhakel rahi thi,

ramu- par kaka hum ramiya ko chodane ke liye kahe kaise,

hariya- are ramiya ko pyar se apni god me baitha le aur phir uski dono chuchiyo ko dhire-dhire sahlate huye kabhi uske galo ko chum kabhi uske hontho ko chum le aur beech-beech me uski moti kasi hui chhaateeyo ko kas kar daba de aur phir usse punch kaisa lag raha hai ramiya aur phir jahan tu use thoda garam kar dega vah khud hi apni chut tere samne kholne lagegi, chal betwa ab hum chalte hai hamari londiya hamara intjar kar rahi hogi aur phir hariya vahan se chala jata hai uske jane ke bad ramu vahan se khada hokar ramiya ke pas jakar khada ho jata hai,

ramu- ramiya ka hath pakad kar sahlate huye tu yahan kyo khadi hai chal vahan baithenge aur phir ramiya ka hath pakad kar khat ke pas lejata hai aur use apni god me baitha leta hai,

ramu- uske galo ko chumta hua meri gudiya rani itni garmi me tu yah shirt apne sine par kaise kase rahti hai mujhe dekh me keval apni dhoti pahne kaise khula hawa leta hu la teri yah shirt ke batton khol deta hu kuch hawa lag jaye aur phir ramu ne ramiya ke batton kholne shuru kiye

ramiya- kasmasate huye bhaiya kaha garmi lag rahi hai

ramu- are inhe hawa lagana bahut jaruri hai tune dekha nahi ma aur didi kaise khol kar naha rahi thi tu to pagal hai meri gudiya kuch bhi nahi samajhti inki to malish bhi karna padti hai nahi to inme dard rahta hai aur phir ramu uski shirt ke batton kholne ke bad uske mote pake huye bade-bade kalmi aamo ki tarah tane huye chucho ko apne hatho me bhar kar jab kas kar masalta hai to ramiya karah uthti hai,

ramiya- aah bhaiya bada dard ho raha hai

ramu- me na kahta tha inme dard rahega, isi liye to kah raha hu inko hawa lagne do aur me inki aaj achche se malish kar deta hu to tera dard bilkul khatam ho jayega,

ramu- tu ek kam kar meri taraf munh karke apne per mere aas pas karke aaram se baith ja me teri achche se malish kar deta hu, ramiya apne bhaiya ki god me jaise hi baithti hai uski gaanD me apne bhaiya ka mota lund chubhne lagta hai par vah ek dam se baith jati hai aur ramu uske bhari chutdo ko pakad kar apni aur daba leta hai, ab ramu apne hatho se apni bahan ke mote-mote doodh ko kas-kas kar masalne lagta hai aur ramiya aah aah karti hui apne bhaiya se chipakne ki koshish karne lagti hai,

ramu ramiya ke rasile hontho ko chumta hua uske doodh paglo ki tarah masalne lagta hai aur ramiya uski banho me tadapne lagti hai.

ramiya- aah bhaiya dhire dabao na tum to dard mitane ki bajay dard de rahe ho,

ramu- ramiya ke hontho ko chum kar meri gudiya rani aaj me tujhe bahut meetha-meetha dard dunga,

ramiya- uski god se apni gaanD uthate huye apne hatho se ramu ka mota lund uski dhoti se bahar nikal kar, bhaiya ye mujhe chubh raha hai,

ramu- meri bahna yah tere bhaiya ka ganna hai ise chusa bhi jata hai,

ramiya- muskurakar ise kaise chusa jata hoga bhiaya,

ramu- are tu nahi janti sab aurte sabhi admiyo ka ganna bade pyar se chat-chat kar chusti hai, le tu bhi ise apni jeebh se chus kar dekh,

ramiya- nahi bhaiya me nahi chusungi mujhe achcha nahi lagta hai

ramu- meri pyari bahna ek bar chus kar dekh phir me tere liye sundar si payal la kar dunga,

ramiya- khush hote huye sach kah rahe ho,

ramu- dhire se uski phuli hui chut par apna hath rakh kar meri rani ab chus bhi le aur phir ramu apne lund ko ramiya ke munh me de kar uski chut ke gulabi ras se bhare huye ched me dhire se ek ungi dal kar apni bahan ki kunwari chut ko sahlane lagta hai, ramiya ko apne bhai ke lund ko chatne aur chusne me maza aane lagta hai aur vah apne bhai ke lund ko apne hatho me bhar kar khub daboch-daboch kar chusne lagti hai,

kramashah.............